CG News : स्कूल शिक्षा विभाग सख्त, ज्वाइनिंग नहीं देने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई, दूरस्थ क्षेत्रों में होगी पोस्टिंग

CG News : स्कूल शिक्षा विभाग सख्त, ज्वाइनिंग नहीं देने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई, दूरस्थ क्षेत्रों में होगी पोस्टिंग

Chhattisgarh News : रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने लंबे समय से चल रहे निलंबन और मनमाफिक पदस्थापना के खेल पर सख्त रुख अपनाया है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने संयुक्त संचालकों (जेडी) और जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश जारी करते हुए अनुशासनहीन शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं नई पदस्थापना के बाद ज्वाइनिंग नहीं देने वाले शिक्षकों को दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भेजा जाएगा।

200 से अधिक शिक्षकों ने नहीं की ज्वाइनिंग

जानकारी के अनुसार कुछ माह पहले शिक्षकविहीन, एकल शिक्षकीय और आवश्यकता आधारित स्कूलों में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) की प्रक्रिया लागू की गई थी। इसके तहत सहायक शिक्षक से लेकर व्याख्याता तक के तबादले किए गए थे।

हालांकि विभागीय आंकड़ों के मुताबिक करीब 200 शिक्षकों ने अब तक अपने नए स्कूलों में ज्वाइनिंग नहीं दी है। संबंधित शिक्षकों का कहना है कि उनके प्रतिवेदन और समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिसके कारण वे नई पदस्थापना पर नहीं पहुंचे।

मनचाही पोस्टिंग के लिए निलंबन की रणनीति पर रोक

विभागीय अधिकारियों का मानना है कि कुछ मामलों में शिक्षक शहर या पसंदीदा स्थान पर पोस्टिंग नहीं मिलने के कारण जानबूझकर ऐसी स्थिति बनाते हैं, जिससे निलंबन हो जाए। बाद में बहाली के दौरान मनचाही जगह पदस्थापना हासिल करने की कोशिश की जाती है।

अब शिक्षा विभाग इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि निलंबन को अब किसी भी तरह का “विकल्प” नहीं बनने दिया जाएगा।

गंभीर मामलों में होगी विभागीय जांच

डीपीआई ने निर्देश दिए हैं कि गंभीर मामलों में केवल तबादले तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। संबंधित कर्मचारियों और शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी और सेवा नियमों के तहत कठोर दंड भी दिए जा सकते हैं।

दूरस्थ क्षेत्रों में भेजे जाएंगे अनुशासनहीन शिक्षक

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी व्याख्याता के खिलाफ अनुशासनहीनता या ज्वाइनिंग से संबंधित शिकायत सही पाई जाती है तो उसका तबादला 200 किलोमीटर दूर स्थित स्कूल में किया जा सकता है। वहीं सहायक शिक्षक और शिक्षक वर्ग के कर्मचारियों को संभाग के भीतर दूरस्थ एवं रिमोट क्षेत्रों के स्कूलों में पदस्थ किया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था सुधारने की दिशा में बड़ा कदम

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस फैसले से दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और अनुशासन व जवाबदेही की संस्कृति मजबूत होगी। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब मनमानी, अनुपस्थिति और निलंबन के जरिए मनचाही पोस्टिंग हासिल करने की प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


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