Chhattisgarh Surajpur News: सूरजपुर:- जनपद पंचायत भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी के सरासोर क्षेत्र में सेतु विभाग द्वारा प्रस्तावित पुलिया निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। धार्मिक आस्था के केंद्र सरासोर मंदिर परिसर में निर्माण प्रस्ताव को लेकर ट्रस्ट समिति, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
सरासोर मंदिर परिसर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में ट्रस्ट समिति, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने भविष्य में संभावित खतरों और धार्मिक स्थल को होने वाले नुकसान को ध्यान में रखते हुए विस्तृत चर्चा की। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर विभाग के इंजीनियर उत्तम कुमार ध्रुव को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें स्पष्ट रूप से पुलिया निर्माण का स्थान बदलकर किसी अन्य उपयुक्त स्थल पर कार्य कराने की मांग की गई।
बैठक में उपस्थित लोगों ने आरोप लगाया कि विभागीय इंजीनियर का रवैया लगातार असहयोगपूर्ण रहा है। ग्रामीणों द्वारा बार-बार आपत्ति दर्ज कराने और निर्माण कार्य को रोकने की मांग के बावजूद मंदिर परिसर में ही सर्वे कार्य कराया गया और मशीनें उतारी गईं। आरोप यह भी है कि यज्ञशाला से सटे क्षेत्र में पुलिया निर्माण के लिए कार्य को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय नागरिकों और ट्रस्ट समिति का कहना है कि यदि मंदिर परिसर के भीतर ही पुलिया निर्माण किया जाता है, तो इससे धार्मिक स्थल को गंभीर क्षति पहुंच सकती है। सरासोर मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष बड़े स्तर पर मेला आयोजित होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में पुलिया निर्माण के बाद भीड़-भाड़ के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा मंदिर परिसर की सौंदर्यता, व्यवस्था और रखरखाव पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही गई।
बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष लोमस राजवाड़े सहित मोहन राजवाड़े, प्रदीप पैकरा, प्रवीण राजवाड़े, राम मिलन पैकरा, रामनाथ रवि, शिवकुमार नायक, केशवर पैकरा, राधेश्याम पैकरा, प्रदीप सोनी, रामविलास, महेश पैकरा, अर्जुन पैकरा, श्रीराम पैकरा, अर्जुन राम पैकरा तथा मंदिर के पुजारी नागेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मंदिर परिसर से होकर बनने वाले पुलिया निर्माण का विरोध करते हुए इसे तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब स्थानीय स्तर पर लगातार विरोध हो रहा है और वैकल्पिक स्थल की मांग की जा रही है, तब भी संबंधित अधिकारी मंदिर परिसर के भीतर ही निर्माण कार्य कराने पर क्यों अड़े हुए हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर मामले का समाधान निकालने, धार्मिक आस्था के केंद्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जनभावनाओं का सम्मान करते हुए निर्माण कार्य को अन्य उपयुक्त स्थान पर कराने की मांग की है।

