मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: उखरुल में दो अलग-अलग गोलीबारी में 3 की मौत, कई घायल

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: उखरुल में दो अलग-अलग गोलीबारी में 3 की मौत, कई घायल

Violence erupts again in Manipur: मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार सुबह गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। कुकी और नागा जनजातीय समुदायों के सशस्त्र समूहों के बीच झड़प में कई घरों को भी आग के हवाले कर दिया गया और महिलाओं सहित कम से कम पांच अन्य कुकी घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, पहली घटना जिले के मुल्लम गांव के पास हुई, जहां सुरक्षाबलों ने पूर्वाह्न करीब 11.25 बजे दो शव बरामद किए।
मृतकों की पहचान एल.सितल्हौ और पी.हाओलाई के रूप में हुई है। दोनों के शरीर पर गोलियों के निशान पाए गए और वे छलावरण (कैमोफ्लाज) वर्दी में थे। इससे पहले, सुबह करीब 5.30 बजे तांगखुल नगा बहुल क्षेत्र के मुल्लम गांव में सशस्त्र उग्रवादी समूहों के बीच भारी गोलीबारी हुई थी। इस दौरान गांव के बाहरी हिस्से में स्थित कुछ घरों में भी आग लगा दी गई। कुकी ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट ने मुल्लम और सोंगफल गांवों में दो “ग्राम स्वयंसेवकों” की हत्या और घरों को जलाए जाने की घटना की निंदा की है। संगठन ने इस मामले में तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने और समयबद्ध जांच की मांग की है।

उग्रवादियों के हमले में युवक की मौत
एक अलग घटना में शुक्रवार तड़के उखरुल जिले के सिनाकेइथेई गांव के पास सशस्त्र उग्रवादियों की ओर से घात लगाकर किए गए हमले में कामजोंग जिले के चत्रिक खुल्लेन निवासी 29 वर्षीय एच जमंग की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में चार अन्य स्वयंसेवक गंभीर रूप से घायल हो गए। तांगखुल नागा समुदाय की शीर्ष संस्था तांगखुल नागा लॉन्ग ने जामांग की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संस्था ने अपने बयान में कहा कि सिराराखोंग और सिनाकेइथेई क्षेत्र में लगातार गतिविधियों तथा बाधाओं के कारण नागा ग्राम रक्षकों को गश्त पर तैनात किया गया था। तांगखुल नागा संगठनों ने इस हमले के लिए कुकी उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि कुकी संगठनों ने किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है।


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