DA Hike Latest News: नई दिल्ली। देश के एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स इंतजार शनिवार यानी 18 अप्रैल को खत्म हो गया है. सूत्रों के अनुसार कैबिनेट ने शनिवार को केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशन 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो जाएगी. केंद्रीय कर्मचारी काफी दिनों से महंगाई भत्ते का इंतजार कर रहे थे. जनवरी से लागू होने वाले इस भत्ते का इंतजार मार्च की शुरूआत से ही हो रहा था. सरकार अमूमन जनवरी में होने वाली बढ़ोतरी का ऐलान मार्च में कर देती है. लेकिन इस बाजार आधा अप्रैल बीत जाने के बाद ही हुआ है.
8वें वेतन आयोग में ये मांग
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कर्मचारी संगठन प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी स्ट्रक्चर में में बड़े बदलावों की मांग कर रहे हैं. अपने ज्ञापन में, राष्ट्रीय परिषद-संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र (NC-JCM) ने 3.83 के उच्च फ़िटमेंट फ़ैक्टर की मांग की है, जिससे न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 69,000 रुपये हो सकता है. इसने सैलरी कैलकुलेशन के लिए “परिवार” की परिभाषा का विस्तार करने का भी प्रस्ताव दिया है, ताकि इसमें आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जा सके. साथ ही, वेतन असमानता पर एक सीमा तय करने और उच्च वेतन वृद्धि व महंगाई से जुड़े भत्ते देने का भी सुझाव दिया है.
दो बार होता है इजाफा
सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी के महंगाई भत्ते में दो बार जनवरी और जुलाई के महीने में इजाफा करता है. इन बदलावों का मकसद महंगाई के असर को कम करना और कर्मचारियों व पेंशनर्स की खरीदने की क्षमता और जीवन स्तर को बनाए रखने में मदद करना है. महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों को दिया जाने वाला एक ‘कॉस्ट ऑफ लिविंग एडजस्टमेंट’ है, जिसकी गणना मूल वेतन के एक निश्चित प्रतिशत के रूप में की जाती है, ताकि महंगाई के असर को संतुलित किया जा सके.
सॉवरेन मैरीटाइम फंड को मंजूरी
इस बीच, यह भी बताया जा रहा है कि कैबिनेट ने 13,000 करोड़ रुपए के फंड के साथ एक ‘सॉवरेन मैरीटाइम फंड’ को भी मंजूरी दी है, ताकि भारतीय ध्वज वाले, भारत आने वाले और भारत से जाने वाले जहाजों को स्थिर और किफायती इंश्योरेंस सिक्योरिटी दी जा सके. यह भी पता चला है कि कैबिनेट ने ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ (PMGSY) को 2028 तक बढ़ा दिया है, जिसके लिए 3,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आवंटन किया गया है.

