Patan Filariasis Survey: पाटन में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर संचालित कार्यक्रम के तहत ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (TAS-1) की शुरुआत की गई है। यह सर्वे राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NBVDCP) के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। राज्य कार्यक्रम अधिकारी, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं के निर्देश पर दुर्ग जिला के चयनित 52 शासकीय एवं निजी प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा पहली और दूसरी के 6 से 7 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं का रक्त परीक्षण किया जा रहा है।
चिरायु टीम द्वारा एफटीएस किट के माध्यम से बच्चों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिन बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है, उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराकर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह सर्वे दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहला चरण 25 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक तथा दूसरा चरण 9 मार्च से 14 मार्च 2026 तक चलेगा।
प्रथम चरण की जांच पूर्ण होने के बाद विकासखंड पाटन में 6 बच्चे फाइलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं। विभाग ने सभी संक्रमित बच्चों को दवा प्रदान करते हुए नियमित निगरानी में रखा है। विकास खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कठौतिया ने अभिभावकों से अपील की है कि वे सर्वे में सक्रिय सहयोग करें, ताकि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।पाटन में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर संचालित कार्यक्रम के तहत ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (TAS-1) की शुरुआत की गई है। यह सर्वे राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NBVDCP) के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। राज्य कार्यक्रम अधिकारी, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं के निर्देश पर दुर्ग जिला के चयनित 52 शासकीय एवं निजी प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा पहली और दूसरी के 6 से 7 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं का रक्त परीक्षण किया जा रहा है।
चिरायु टीम द्वारा एफटीएस किट के माध्यम से बच्चों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिन बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है, उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराकर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह सर्वे दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहला चरण 25 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक तथा दूसरा चरण 9 मार्च से 14 मार्च 2026 तक चलेगा।
प्रथम चरण की जांच पूर्ण होने के बाद विकासखंड पाटन में 6 बच्चे फाइलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं। विभाग ने सभी संक्रमित बच्चों को दवा प्रदान करते हुए नियमित निगरानी में रखा है। विकास खंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कठौतिया ने अभिभावकों से अपील की है कि वे सर्वे में सक्रिय सहयोग करें, ताकि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।
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