सुप्रीम कोर्ट में मंत्री विजय शाह मामले की सुनवाई, ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल कुरैशी पर की थी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट में मंत्री विजय शाह मामले की सुनवाई, ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल कुरैशी पर की थी टिप्पणी

MP Latest News: भोपाल। मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट पहले ही पेश की जा चुकी है। अब मंत्री के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही किए जाने के मामले में निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके।

सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे।

इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया।

पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है।

बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।

चौथी माफी में यह बोले थे मंत्री शाह

7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने फिर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कई बार कहा है, मेरा ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था कि किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज, किसी वर्ग का अपमान हो। वे शब्द निस्संदेह मेरी भावना के अनुरूप नहीं थे। वे शब्द देश भक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकले थे। गलती के पीछे की भावना को अवश्य देखा जाना चाहिए। आप सब जानते हैं कि मेरी कोई दुर्भावना नहीं थी।

मैंने अंत:करण से क्षमा याचना की। कई बार की है। आज फिर कर रहा हूं। मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है कि मेरी छोटी से त्रुटि से ऐसा विवाद उत्पन्न हुआ। मुझे विश्वास है कि मेरी भावनाओं को सही संदर्भ में देखा जाएगा। भारतीय सेना के प्रति मेरे मन में सदैव सम्मान रहा है और रहेगा।

सार्वजनिक जीवन में रहते हुए ऐसे शब्दों की मर्यादा, संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। इस घटना से मैंने आत्ममंथन किया है। सबक लिया है। जिम्मेदारी मानता हूं। भविष्य में वाणी पर नियंत्रण रहेगा। ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। एक बार पुन: उस मामले में आप सभी नागरिकों से, भारतीय सेना से, सब लोगों से अंत:करण से माफी मांगता हूं।


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