रायपुर कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद जनविश्वास को मजबूत करने और बेहतर पुलिसिंग को व्यवहार में उतारने की दिशा में रायपुर कमिश्नरेट पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में 02 फरवरी 2026 को रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला (आईपीएस) ने शंकर नगर स्थित सभागार में कमिश्नरेट रायपुर के सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को संबोधित किया। इस अवसर पर कमिश्नरी प्रणाली में पुलिस की भूमिका, जिम्मेदारियों और नागरिकों की अपेक्षाओं को लेकर एक व्यापक सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें आरक्षक स्तर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी शामिल हुए।
सेमिनार के दौरान रायपुर कमिश्नरेट के प्रमुख जोन अधिकारियों का उनके अधीनस्थ अराजपत्रित अधिकारियों से परिचय कराया गया। डीसीपी नॉर्थ जोन मयंक गुर्जर, डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल और डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश प्रसाद गुप्ता ने अपने-अपने जोन की कार्यप्रणाली, प्राथमिकताएं और संबंधित एसीपी डिवीजनों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी साझा की।
अपने संबोधन में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि कमिश्नरी प्रणाली का उद्देश्य केवल प्रशासनिक अधिकारों का विस्तार नहीं, बल्कि पुलिस और आम नागरिक के बीच विश्वास का मजबूत संबंध स्थापित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भयमुक्त और सुरक्षित रायपुर तभी संभव है, जब पुलिस संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितकारी सोच के साथ कार्य करे।
डॉ. शुक्ला ने पुलिसकर्मियों को बेसिक पुलिसिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार, उनकी शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुनना और वैधानिक समाधान देना ही जनविश्वास की बुनियाद है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई मामलों में नागरिकों को अपेक्षित सुनवाई नहीं मिल पाती, जिसे गंभीरता से लेते हुए सुधार की आवश्यकता है।
उन्होंने विजिबल पुलिसिंग की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल पुलिस की मौजूदगी दिखाना नहीं, बल्कि आमजन को सुरक्षा का भरोसा देना होना चाहिए। यह पुलिसिंग वरिष्ठ अधिकारियों की सतत निगरानी में होनी चाहिए, ताकि नागरिक स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधियों के प्रति कानून पूरी सख्ती से लागू होगा, जबकि आम नागरिकों के प्रति पुलिस का रवैया सहयोगात्मक और मानवीय रहेगा।
पुलिस कमिश्नर ने स्वच्छ वेशभूषा, अनुशासित कार्यशैली और मर्यादित आचरण अपनाने पर बल देते हुए कहा कि सजग, अनुशासित और संवेदनशील पुलिस बल ही समाज में विश्वास पैदा कर सकता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस सेमिनार में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल, अर्चना झा, राहुल देव शर्मा, आकाश मरकाम सहित सभी एसीपी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

