छत्तीसगढ़ संत संगठन सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन के तत्वावधान में रायपुर स्थित मेकाहारा ऑडिटोरियम में भव्य अध्यात्म सम्मेलन एवं कबीर विचार गोष्ठी (सदगुरु कबीर स्मृति महोत्सव) का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे संतों, साध्वियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में शांति, समता, प्रेम, भाईचारा और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करना रहा।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सूरत (गुजरात) से पधारे संत गुरु भूषण साहेब ने कहा कि अध्यात्म जीवन की नींव है और आत्मा के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब का मूल संदेश “जीव दया और आत्म पूजा” है, यही सबसे बड़ा धर्म है। बिना अध्यात्म के न तो जीवन का सही मार्ग मिलता है और न ही आत्मिक शांति की अनुभूति हो सकती है। नदिया धाम से पधारे आचार्य मंगल साहेब ने कहा कि कबीर की वाणी प्रेम, करुणा, दया और समर्पण का संदेश देती है तथा यह सिखाती है कि परमात्मा कहीं बाहर नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव के भीतर निवास करता है।
दूधाधारी मठ से पधारे महंत रामसुंदर दास जी ने कहा कि कबीर को लोग भले ही अनपढ़ कहते रहे हों, लेकिन उनका ज्ञान इतना गहन और उच्च स्तर का है कि आज उनकी वाणी पर शोध हो रहे हैं और लोग पीएचडी तक कर रहे हैं। पाटेश्वर धाम से आए राम बालक दास जी ने कहा कि कबीर की वाणी से मानवता, भाईचारा, सहिष्णुता और मानवीय मूल्यों का विकास होता है तथा यह गुरु से गोविंद तक पहुंचने का मार्ग दिखाती है।
छत्तीसगढ़ संत संगठन के अध्यक्ष संत रविकर साहेब ने कहा कि आत्मस्थ होना जीवन का परम लक्ष्य है और आत्मा ही हमारे अस्तित्व का आधार है। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब की वाणी का मूल संदेश यही है कि परमात्मा हम सबके भीतर निवास करता है। संगठन का उद्देश्य कबीर पंथ की सभी परंपराओं को जोड़कर समाज में एकता, प्रेम और सौहार्द का संदेश देना है।
कार्यक्रम में साध्वी समष्टि, साध्वी समता, साध्वी भागवती, साध्वी सुमन, पुराण साहेब, घनश्याम साहेब, पंचम साहेब, देवेंद्र साहेब सहित अनेक संतों और साध्वियों ने अपने विचार रखे। लगभग 200 से अधिक संतों की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद सरल सरिता भजनामृत भजन ग्रुप द्वारा भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिसमें मुख्य गायक डॉ. सुरेश ठाकुर रहे।
इस अवसर पर समाज में विशिष्ट योगदान देने वाले प्रबुद्धजनों का सम्मान भी किया गया। युवा संस्था के संस्थापक राजीव राव ने कहा कि संतों की उपस्थिति से ही समाज में शांति और सद्भावना स्थापित होती है। कार्यक्रम में युवा संस्था रायपुर, कबीर सत्संग समिति रायपुर, कबीरपंथी साहू समाज, कबीर पारख समिति, दयानाम साहेब समिति, आमीन माता महिला मंडल, युवा कबीर सैनिक सेवार्थी संघ, साहू समाज छत्तीसगढ़ और मानिकपुरी समाज सहित कई संगठनों का विशेष सहयोग रहा। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए श्रद्धालुओं ने संतों की वाणी से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
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