TMC में बढ़ा अंदरूनी घमासान: सिग्नेचर विवाद के बीच पार्टी में टूट की अटकलें तेज, 50 विधायक असली तृणमूल कांग्रेस का ठोकेंगे दावा

TMC में बढ़ा अंदरूनी घमासान: सिग्नेचर विवाद के बीच पार्टी में टूट की अटकलें तेज, 50 विधायक असली तृणमूल कांग्रेस का ठोकेंगे दावा

West Bengal Political News: कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इन दिनों गंभीर अंदरूनी संकट से जूझती नजर आ रही है। कथित सिग्नेचर फर्जीवाड़ा मामले और पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति के बीच टीएमसी में टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी के कुछ नेता और विधायक मौजूदा नेतृत्व से अलग राह चुन सकते हैं, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

विवाद की शुरुआत विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन से जुड़े एक दस्तावेज पर कथित फर्जी हस्ताक्षरों के आरोपों से हुई। मामले में कुछ विधायकों ने दावा किया कि दस्तावेज पर मौजूद हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। इस मामले की जांच पश्चिम बंगाल सीआईडी कर रही है और कई विधायकों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

दो विधायकों पर कार्रवाई से बढ़ी सियासी हलचल

सिग्नेचर विवाद को लेकर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाने वाले दो विधायकों— ऋतब्रत बंदोपाध्याय और संदीपान साहा —को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। टीएमसी ने उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया है।

इन कार्रवाइयों के बाद राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या पश्चिम बंगाल में भी वैसी स्थिति बन सकती है जैसी 2022 में महाराष्ट्र में शिवसेना के भीतर देखी गई थी। हालांकि 50 विधायकों के अलग होने या नई पार्टी बनने के दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें फिलहाल राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

बैठक से बड़ी संख्या में विधायक रहे नदारद

पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा कोलकाता के कालीघाट स्थित आवास पर बुलाई गई बैठक में बड़ी संख्या में विधायक शामिल नहीं हुए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुल 80 विधायकों में से केवल लगभग 20 विधायक बैठक में पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में सदस्य अनुपस्थित रहे। विधायकों की अनुपस्थिति ने पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित गुटबाजी की चर्चाओं को और हवा दी है।

अभिषेक बनर्जी को सीआईडी का नोटिस

सिग्नेचर विवाद की जांच के सिलसिले में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी सीआईडी ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। जांच एजेंसी कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

ममता ने भाजपा पर लगाए आरोप

इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा पर टीएमसी नेताओं और विधायकों को डराने-धमकाने तथा राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ विधायकों ने उनसे शिकायत की है कि उन्हें बैठक में शामिल न होने के लिए दबाव डाला गया। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जांच की शुरुआत टीएमसी विधायकों की शिकायतों के आधार पर हुई है।

फिलहाल सिग्नेचर विवाद की जांच जारी है और टीएमसी में संभावित टूट को लेकर जारी चर्चाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। हालांकि पार्टी विभाजन या बड़ी संख्या में विधायकों के अलग होने की खबरों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


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