पटनाः केंद्र की मोदी सरकार की ओर से महंगाई भत्ते बढ़ाए जाने के बाद अब अलग-अलग राज्यों की सरकारों ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर रही है। बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है और महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। अब राज्य के कर्मचारियों को 58% डीए मिलेगा। शुक्रवार को हुई नीतीश कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी भी दे दी गई है।
कैबिनेट में लिए निर्णयों की जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार कैबिनेट में 129 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इसमें कई विभागों में बहाली से संबंधित प्रस्ताव से लेकर सड़क निर्माण समेत कई अहम एजेंडे शामिल हैं।अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी कर्मियों के साथ ही पेंशनधारकों को बढ़े हुए डीए का लाभ 1 जुलाई 2025 के प्रभाव से मिलेगा। इस बढ़ोतरी से राज्य सरकार के खजाने पर 917 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
इतनी बढ़ जाएंगी सैलरी
बता दें कि कर्मचारियों को दिया जाने वाला महंगाई भत्ता उनकी बेसिक सैलरी के अनुसार तय होता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 60,000 रुपये है, तो पहले 55% DA के हिसाब से उसे 33,000 रुपये महंगाई भत्ता मिल रहा था। लेकिन, अब नई बढ़ोतरी के बाद 58% DA के अनुसार उसका महंगाई भत्ता 34,800 रुपये हो जाएगा। इसका मतलब है कि हर महीने कर्मचारी की सैलरी में 1800 रुपये का इजाफा होगा। नाव से पहले नीतीश सरकार का यह फैसला मास्टर स्ट्रोक समझा जा रहा है। चुनावी साल में सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सरकार की लोकप्रियता बढ़ाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

