World Arthritis Day 2026: गठिया के लक्षणों को नजरअंदाज न करें, समय पर इलाज से जोड़ों को स्थायी नुकसान से बचाने में मिल सकती है मदद

World Arthritis Day 2026: गठिया के लक्षणों को नजरअंदाज न करें, समय पर इलाज से जोड़ों को स्थायी नुकसान से बचाने में मिल सकती है मदद

World Arthritis Day 2026: रायपुर। विश्व गठिया दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ चैप्टर ऑफ इंडियन रूमेटोलॉजी एसोसिएशन (CGIRA) की ओर से रायपुर प्रेस क्लब में जन-जागरूकता प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने गठिया और अन्य संधि रोगों के लक्षण, समय पर पहचान, उचित उपचार और बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को लेकर जानकारी दी। चिकित्सकों ने लोगों से जोड़ों से जुड़ी समस्याओं को सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज नहीं करने और शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने की अपील की।

विशेषज्ञों ने बताया कि गठिया केवल बुजुर्गों को प्रभावित करने वाली बीमारी नहीं है। इसके अलग-अलग प्रकार बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों में भी हो सकते हैं। जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन, सुबह उठने पर अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।

रूमेटॉइड आर्थराइटिस में समय पर इलाज जरूरी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिकित्सकों ने रूमेटॉइड आर्थराइटिस के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगती है। समय पर पहचान और उचित उपचार नहीं मिलने पर जोड़ों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए शुरुआती लक्षणों को सामान्य दर्द मानकर नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।

बिना सलाह लंबे समय तक दर्द निवारक दवाएं न लें

विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी कि यदि जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या सुबह के समय अधिक अकड़न महसूस होती है तो चिकित्सकीय जांच कराएं। बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं और स्टेरॉयड का सेवन करने से बचना चाहिए। चिकित्सकों ने संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने पर भी जोर दिया।

समय पर उपचार से बीमारी को किया जा सकता है नियंत्रित

चिकित्सकों ने कहा कि गठिया के कई प्रकारों के प्रभावी उपचार उपलब्ध हैं। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श और सही उपचार अपनाने से बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इससे जोड़ों को होने वाले नुकसान का जोखिम कम करने के साथ मरीज की जीवन गुणवत्ता में भी सुधार किया जा सकता है।

जन-जागरूकता को बताया महत्वपूर्ण कदम

प्रेस कॉन्फ्रेंस में CGIRA के अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह कमेट, सचिव डॉ. जॉयदीप सामंता सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्य मौजूद रहे। चिकित्सकों ने कहा कि गठिया के शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने आम लोगों से बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की।


Related Articles