Surajpur News: 57 हजार शिक्षक पदों के वादे का क्या हुआ? 5 हजार पदों की भर्ती भी स्थगित, प्रेमसाय टेकाम ने सरकार से मांगा जवाब

Surajpur News: 57 हजार शिक्षक पदों के वादे का क्या हुआ? 5 हजार पदों की भर्ती भी स्थगित, प्रेमसाय टेकाम ने सरकार से मांगा जवाब

Chhattisgarh Surajpur News: सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा सरकार की ओर से 57 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती का वादा किए जाने के बाद युवाओं को सरकारी नौकरी की उम्मीद जगी थी। लंबे इंतजार के बाद पांच हजार शिक्षक पदों पर भर्ती की घोषणा हुई, लेकिन अब भर्ती प्रक्रिया स्थगित होने से अभ्यर्थियों में निराशा और असमंजस की स्थिति बन गई है। पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए युवाओं को स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

57 हजार पदों पर भर्ती के वादे पर सवाल

डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने युवाओं से 57 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती का वादा किया था। ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि इस वादे को पूरा करने की दिशा में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हजारों युवा लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं और उन्हें सरकार की ओर से स्पष्ट जानकारी मिलने का इंतजार है।

5 हजार पदों की भर्ती स्थगित होने से बढ़ी चिंता

लंबे इंतजार के बाद पांच हजार पदों पर शिक्षक भर्ती की घोषणा से अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी थी। कई युवाओं ने भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए लंबे समय से मेहनत की है। कुछ अभ्यर्थियों ने शिक्षक बनने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अपनी निजी नौकरियां तक छोड़ दीं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया के स्थगित होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।

परीक्षा और नियुक्ति की तारीख स्पष्ट करने की मांग

अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी, परीक्षा कब आयोजित की जाएगी और नियुक्ति की प्रक्रिया कब पूरी होगी, इसे लेकर सरकार को स्पष्ट समयसीमा घोषित करनी चाहिए। लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अनिश्चितता परेशानी का कारण बन रही है। उनका कहना है कि केवल भर्ती की घोषणा से नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समय में आगे बढ़ाने से ही युवाओं को राहत मिलेगी।

कानूनी विवाद के समाधान की भी मांग

शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कानूनी विवादों के कारण भी मामला आगे बढ़ने में बाधा आने की बात सामने आ रही है। अभ्यर्थियों की मांग है कि संबंधित मामलों का नियमानुसार जल्द समाधान किया जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू हो सके। युवाओं का कहना है कि उन्हें परीक्षा और नियुक्ति को लेकर स्पष्ट जानकारी मिलने पर अपनी तैयारी की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।

सरकार से युवाओं को स्पष्ट जवाब देने की मांग

पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने सरकार से शिक्षक भर्ती को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 57 हजार पदों पर भर्ती का वादा किया गया था, तो उस दिशा में अब तक कितनी प्रगति हुई है। वहीं, पांच हजार पदों की घोषित भर्ती भी स्थगित होने से युवाओं के बीच बढ़ते असमंजस पर सरकार को जवाब देना चाहिए। अब शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की निगाहें सरकार के अगले कदम और भर्ती प्रक्रिया की नई समयसीमा पर टिकी हैं।


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