CG Surajpur News: सूरजपुर। ग्राम पंचायत कोरंधा में प्रधानमंत्री आवास योजना और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में कथित अनियमितताओं और कमीशनखोरी को लेकर प्रकाशित समाचार का बड़ा असर देखने को मिला है। ग्रामीणों की शिकायत और मीडिया में मामला प्रमुखता से सामने आने के बाद कलेक्टर रैना जमील ने पूरे प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष और त्वरित जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से ग्रामीणों में न्याय की उम्मीद जगी है।
ग्रामीणों द्वारा जनदर्शन में दिए गए आवेदन में पंचायत के रोजगार सहायक द्वारिका गुप्ता पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कथित रूप से 10 हजार रुपये की वसूली, मनरेगा में फर्जी हाजिरी लगाकर भुगतान कराने, पात्र मजदूरों को काम और मजदूरी से वंचित रखने तथा अपने परिजनों के नाम पर संदिग्ध उपस्थिति दर्ज कर सरकारी राशि के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस मामले को विभिन्न समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जनपद पंचायत प्रतापपुर की जांच टीम गठित कर मौके पर जांच के निर्देश दिए। गठित दल में एसडीओ संदीप कुमार रवि, पीओ निर्मल श्याम, उप अभियंता बृजेश कुमार, नरेश तथा संबंधित पंचायत के अधिकारी शामिल रहे। जांच दल ग्राम पंचायत कोरंधा पहुंचा, जहां शिकायतकर्ताओं और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए तथा संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।
जांच के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष विस्तार से अपनी शिकायतें रखीं। उनका आरोप है कि आवास योजना में लाभ दिलाने के नाम पर अवैध वसूली की गई, मनरेगा में फर्जी हाजिरी और भुगतान का खेल लंबे समय से चल रहा है तथा वास्तविक मजदूरों को रोजगार और मजदूरी से वंचित किया गया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जांच टीम ने बताया कि शिकायतों के आधार पर बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जांच प्रतिवेदन जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर सूरजपुर को भेजा जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि निष्पक्ष जांच की गई है और यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से पंचायत स्तर पर हुए कथित भ्रष्टाचार की परतें खुल सकती हैं। वहीं प्रशासन ने भी स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आरोप सिद्ध होने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

