CG Bhilai News: भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के सेक्टर-9 अस्पताल के संभावित निजीकरण के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इंटक, एटक, ऐक्टू, सीटू, एचएमएस, लोईमू एवं स्टील वर्कर्स यूनियन की संयुक्त बैठक में अस्पताल को सार्वजनिक क्षेत्र में बनाए रखने के लिए व्यापक जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। यूनियनों ने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई केवल कर्मचारियों की नहीं, बल्कि लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य और जनहित की रक्षा का संघर्ष है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार से भिलाई इस्पात संयंत्र के विभिन्न विभागों, टाउनशिप, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बस्तियों और आम नागरिकों के बीच व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत पर्चे वितरित किए जाएंगे, सभाएं आयोजित होंगी तथा लोगों को अस्पताल के निजीकरण से होने वाले संभावित दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी। यूनियनों का कहना है कि जनता की भागीदारी से ही इस महत्वपूर्ण जनसंपत्ति की रक्षा संभव है।
संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने कहा कि सेक्टर-9 अस्पताल वर्षों से संयंत्र कर्मियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। यदि अस्पताल का संचालन निजी या कॉरपोरेट हाथों में सौंपा गया तो इलाज महंगा हो जाएगा, कर्मचारियों और पेंशनरों की स्वास्थ्य सुरक्षा प्रभावित होगी तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का स्वरूप कमजोर पड़ जाएगा। यूनियनों ने अस्पताल के निजीकरण, लीज अथवा कॉरपोरेट प्रबंधन को सौंपने की किसी भी प्रक्रिया का पुरजोर विरोध करने का संकल्प दोहराया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 14 जुलाई को शाम 6 बजे सेक्टर-9 अस्पताल के मुख्य द्वार पर संयुक्त ट्रेड यूनियनों के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों, उनके परिवारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
यूनियनों ने कहा कि सेक्टर-9 अस्पताल को बचाने का यह आंदोलन भिलाई की अस्मिता और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की रक्षा का आंदोलन है। उन्होंने नागरिकों से निजीकरण के खिलाफ एकजुट होकर इस संघर्ष में भाग लेने का आह्वान किया। बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि जिस तरह पूर्व में संयुक्त संघर्ष के माध्यम से ब्लड बैंक को बचाया गया था, उसी तरह व्यापक जनएकजुटता से सेक्टर-9 अस्पताल को भी निजीकरण से बचाया जा सकेगा।

