अफीम खेती की शिकायत करने वाले सरपंच की कुर्सी गई, कोर्ट ने चुनाव किया निरस्त

अफीम खेती की शिकायत करने वाले सरपंच की कुर्सी गई, कोर्ट ने चुनाव किया निरस्त

Chhattisgarh Durg News: दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम को एसडीएम कोर्ट ने पद से बर्खास्त कर दिया है। कोर्ट ने पंचायत चुनाव के दौरान दाखिल किए गए शपथ पत्र में लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने का दोषी मानते हुए उनका चुनाव निरस्त कर दिया। इसके साथ ही सरपंच पद रिक्त घोषित कर गांव में दोबारा उपचुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं।

अरुण गौतम वही सरपंच हैं जिन्होंने करीब दो महीने पहले बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार पर अफीम की खेती करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार किया था। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है।

जानकारी के मुताबिक, अरुण गौतम और विनायक ताम्रकार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। अफीम खेती मामले में शिकायत के बाद विनायक ताम्रकार की ओर से भी सरपंच के खिलाफ चुनावी हलफनामे में आपराधिक प्रकरण छिपाने की शिकायत की गई थी।

मामले में पंचायत चुनाव में दूसरे स्थान पर रहीं प्रत्याशी भुवनेश्वरी देशमुख ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि अरुण गौतम ने चुनाव के दौरान अपने खिलाफ दर्ज हत्या के प्रयास समेत अन्य मामलों की जानकारी छिपाई थी। पहले रिटर्निंग ऑफिसर ने आपत्ति खारिज कर दी थी, लेकिन बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचा और सुनवाई के लिए दोबारा एसडीएम कोर्ट भेजा गया।

एसडीएम कोर्ट में दस्तावेजों की जांच के दौरान यह सामने आया कि अरुण गौतम के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला लंबित था, जिसकी जानकारी उन्होंने चुनावी हलफनामे में नहीं दी थी। कोर्ट ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए उनका चुनाव शून्य घोषित कर दिया।

हालांकि, याचिकाकर्ता भुवनेश्वरी देशमुख ने खुद को विजयी घोषित करने की मांग भी की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि दोनों प्रत्याशियों के बीच वोटों का बड़ा अंतर था, इसलिए दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार को सीधे विजेता घोषित नहीं किया जा सकता। इसी वजह से समोदा गांव में अब दोबारा चुनाव कराया जाएगा।


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