सूरजपुर से रायगढ़ तक संघ शिक्षा वर्गों का समापन, युवाओं को मिला राष्ट्र निर्माण और सेवा का संदेश

सूरजपुर से रायगढ़ तक संघ शिक्षा वर्गों का समापन, युवाओं को मिला राष्ट्र निर्माण और सेवा का संदेश

Surajpur-Raigarh RSS Training: सूरजपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत आयोजित संघ शिक्षा वर्ग और तरुण व्यवसायिक वर्ग का छत्तीसगढ़ में भव्य समापन हुआ। सूरजपुर में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग और रायगढ़ में आयोजित तरुण व्यवसायिक वर्ग के समापन समारोह में हजारों स्वयंसेवकों, समाजजनों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं मातृशक्ति की उपस्थिति रही। कार्यक्रमों में राष्ट्र निर्माण, समाज संगठन, सेवा, समरसता और अनुशासन के संदेश को प्रमुखता से रखा गया।

सूरजपुर के साधु राम विद्या मंदिर में 16 मई से प्रारंभ हुआ छत्तीसगढ़ प्रांत का संघ शिक्षा वर्ग 31 मई को संपन्न हुआ। 1 जून को आयोजित दीक्षांत समारोह के साथ स्वयंसेवक राष्ट्र सेवा का संकल्प लेकर अपने-अपने कार्यक्षेत्रों की ओर रवाना हुए। इस वर्ग में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों से आए 196 शिक्षार्थियों ने सहभागिता की।

समापन समारोह के दौरान भारी बारिश होने के बावजूद कार्यक्रमों में कोई व्यवधान नहीं आया। स्वयंसेवकों ने 45 मिनट तक गणसमता, पदविन्यास, दंड संचालन, खेल, योगासन और सामाजिक समरसता के सामूहिक प्रदर्शन प्रस्तुत किए। बारिश के बीच अनुशासन और समर्पण के साथ किए गए इन प्रदर्शनों ने उपस्थित जनसमूह को प्रभावित किया।

समारोह में मुख्य अतिथि बाल भगवान राम, योगेश्वर सिंह, जिला संघचालक दुर्गाचरण सिंह, प्रांत संचालक टोपलाल वर्मा तथा सह प्रांत प्रचारक एवं मुख्य वक्ता नारायण नामदेव मंचासीन रहे।

मुख्य अतिथि बाल भगवान राम ने अपने संबोधन में कहा कि संत-महात्मा किसी एक समाज के नहीं बल्कि सम्पूर्ण मानवता के होते हैं। उनका संदेश समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए होता है। उन्होंने कहा कि देश सर्वोपरि है और राष्ट्र सेवा के लिए प्रत्येक नागरिक को समर्पण और सेवा भाव के साथ कार्य करना चाहिए।

मुख्य वक्ता नारायण नामदेव ने कहा कि वर्षा के रूप में प्रकृति का आशीर्वाद मिला है और यह स्वयंसेवकों के उत्साह को और बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्र जीवन के पुनर्निर्माण और व्यक्ति निर्माण के उद्देश्य से की थी। संघ की शाखा एक ऐसी अनूठी पद्धति है जो समाज में संगठन, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का संस्कार विकसित करती है।

उन्होंने कहा, “हम सभी समाज संगठन में अपनी भूमिका निभाएं। समाज के जिस क्षेत्र में आवश्यकता होती है, वहां स्वयंसेवक सेवा कार्यों के माध्यम से अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।” उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज के प्रत्येक वर्ग के बीच समरसता और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

प्रांत संचालक टोपलाल वर्मा ने कहा कि 15 दिनों तक एक साथ रहने और प्रशिक्षण प्राप्त करने से स्वयंसेवकों में एक विशेष आत्मीयता और संगठनात्मक भाव विकसित हुआ है। प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई कार्यपद्धतियां उनके भविष्य के सामाजिक और संगठनात्मक कार्यों में उपयोगी सिद्ध होंगी।

शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में संघ के तरुण व्यवसायी वर्ग का समापन

वहीं रायगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित 15 दिवसीय तरुण व्यवसायिक वर्ग का समापन शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। 16 मई से 1 जून तक वैदिक इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित इस वर्ग में व्यवसायी युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक दायित्व और नेतृत्व विकास का प्रशिक्षण दिया गया।

समापन समारोह में छत्तीसगढ़ सिख समाज के जिला अध्यक्ष सरदार प्रीतपाल सिंह टुटेजा मुख्य अतिथि तथा अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री (विद्या भारती) श्रीराम अरावकर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सर्वाधिकारी संजय पाण्डेय, जिला संघचालक डॉ. प्रकाश मिश्रा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने समता, नियुद्ध, दंड संचालन और संघ घोष के माध्यम से अनुशासन एवं शारीरिक दक्षता का प्रदर्शन किया। वर्ग कार्यवाह दिलेश्वर उमरे ने 15 दिवसीय प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि कुल 107 व्यवसायी शिक्षार्थियों, 36 शिक्षकों एवं प्रबंधकों सहित लगभग 200 लोगों का आवासीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

अपने उद्बोधन में श्रीराम अरावकर ने कहा कि तरुण व्यवसायिक वर्ग का उद्देश्य युवाओं में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना विकसित करना और उन्हें समाज जीवन में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि युवा देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के प्रमुख आधार हैं तथा संघ के संस्कारों से प्रेरित होकर वे समाज सेवा और संगठनात्मक कार्यों को आगे बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद शिक्षार्थियों ने स्वयं अपना व्यय वहन कर प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा 15 दिनों तक मोबाइल से दूर रहकर अनुशासन, आत्मसंयम और राष्ट्रभक्ति के संस्कार अर्जित किए। उन्होंने डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के राष्ट्र समर्पित जीवन का उल्लेख करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।

समापन समारोह में दो हजार से अधिक समाजजनों की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साझा यात्रा और सामूहिक सहभागिता के संदेश की झलक भी देखने को मिली, जहां बड़ी संख्या में लोग संयुक्त रूप से वाहन साझा कर कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

दोनों वर्गों के समापन समारोहों ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण, समाज संगठन और सेवा कार्यों के लिए समर्पित एवं संस्कारित युवाओं की भूमिका भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है।


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