Damoh News: दमोह पटेरा में कन्या छात्रावास की गिरी छत, कई छात्राएं घायल, कांग्रेस ने मोहन सरकार को घेरा, उठाई जांच की मांग

Damoh News: दमोह पटेरा में कन्या छात्रावास की गिरी छत, कई छात्राएं घायल, कांग्रेस ने मोहन सरकार को घेरा, उठाई जांच की मांग

MP Damoh News: दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पटेरा विकासखंड स्थित राजाबंदी गांव के शासकीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्या छात्रावास में बुधवार शाम बड़ा हादसा हो गया। छात्रावास के एक कमरे की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। घटना के समय कमरे में छात्राएं बैठकर पढ़ाई कर रही थीं। अचानक प्लास्टर गिरने से छात्रावास में अफरा-तफरी मच गई और करीब आठ छात्राएं घायल हो गईं। इनमें एक छात्रा के सिर में गंभीर चोट आई है, जिसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

घटना के तुरंत बाद छात्रावास प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने सभी घायल छात्राओं को पटेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश छात्राओं को सामान्य चोटें आई हैं, जबकि एक छात्रा के सिर में गंभीर चोट होने के कारण उसका सीटी स्कैन और एमआरआई कराने के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी

हादसे की जानकारी मिलते ही हटा एसडीएम राकेश मरकाम, पटेरा तहसीलदार उमेश तिवारी सहित प्रशासनिक अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अधिकारियों ने घायल छात्राओं का हालचाल जाना और पूरे मामले की जानकारी ली। प्रशासन ने घटना की जांच के निर्देश देते हुए भवन की गुणवत्ता और सुरक्षा संबंधी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

पहले भी दो बार गिर चुका था प्लास्टर

स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार छात्रावास भवन की जर्जर स्थिति पहले भी सामने आ चुकी थी। इससे पहले भी दो बार छत का प्लास्टर गिर चुका था, लेकिन उस समय विद्यालय बंद होने के कारण छात्राएं वहां मौजूद नहीं थीं और बड़ा हादसा टल गया था। इस बार छात्राएं कमरे में पढ़ाई कर रही थीं, इसलिए प्लास्टर सीधे उनके ऊपर गिर गया और कई छात्राएं घायल हो गईं।

डॉक्टर ने बताई छात्राओं की स्थिति

पटेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ड्यूटी डॉक्टर अभिषेक पटेल ने बताया कि हादसे में करीब आठ छात्राएं घायल हुई हैं। एक छात्रा के सिर में गंभीर चोट आई है, इसलिए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। अन्य छात्राओं का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य छात्राओं को भी जिला अस्पताल भेजा जाएगा।

प्रशासन ने मांगी जर्जर भवनों की रिपोर्ट

घटना के बाद प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों और छात्रावासों की भवन सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। पटेरा बीआरसी मुकेश गुजरे ने बताया कि क्षेत्र के सभी शासकीय स्कूलों और छात्रावासों से भवनों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिन कमरों की स्थिति जर्जर है, वहां किसी भी छात्र-छात्रा को नहीं बैठाया जाए और आवश्यक मरम्मत होने तक उनका उपयोग बंद रखा जाए।

तहसीलदार बोले- गंभीर छात्राओं को बेहतर इलाज के लिए किया गया रेफर

पटेरा तहसीलदार उमेश तिवारी ने बताया कि घटना के समय छात्राएं पढ़ाई कर रही थीं। प्लास्टर गिरने से आठ से अधिक छात्राएं घायल हुई हैं। सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल छात्राओं को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और दोषियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

हादसे के बाद सियासत भी तेज

इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में छात्रावासों की जर्जर स्थिति केवल पुरानी इमारतों का मामला नहीं है, बल्कि यह छात्रों की सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीर लापरवाही का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक छात्रावास आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव और खराब भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिससे हजारों छात्र-छात्राओं की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार अपनी लापरवाह नीतियों की कीमत मासूम छात्रों की जान से कब तक वसूलती रहेगी।

पूरे प्रदेश में हॉस्टलों के निरीक्षण की मांग

घटना के बाद विपक्ष ने मांग की है कि मध्य प्रदेश के सभी शासकीय छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। साथ ही जर्जर भवनों की मरम्मत, आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और छात्रावास भवन की खराब स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।


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