Chhattisgarh Raipur News : रायपुर। रक्षाबंधन से पहले छत्तीसगढ़ की 67.28 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया है। त्योहार से पहले मिली इस आर्थिक सहायता को महिलाओं के लिए राहत और सम्मान के उपहार के रूप में देखा जा रहा है।
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। इस राशि का उपयोग महिलाएं राशन, दवाइयों, बच्चों की पढ़ाई, कपड़ों और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य की आवश्यकताओं के लिए बचत में भी कर रही हैं। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत होने की बात सामने आ रही है।
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पेंड्री की अनिता कश्यप भी योजना की लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि बच्चों की पढ़ाई और घर की आवश्यक जरूरतों में काम आती है। रक्षाबंधन से पहले किस्त मिलने से त्योहार की खुशी भी बढ़ गई है। उनके अनुसार, हर महीने खाते में आने वाली राशि जरूरत के समय अपना आर्थिक सहारा उपलब्ध कराती है।
महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेश के दूरस्थ इलाकों तक भी पहुंच रहा है। नारायणपुर जिले में 27,272 पात्र महिलाओं को डीबीटी के माध्यम से नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। इनमें प्रथम चरण की 26,710 महिलाएं और नियद नेल्लानार के अंतर्गत सुदूर क्षेत्रों की 562 अतिरिक्त पात्र महिलाएं शामिल हैं। योजना शुरू होने से अब तक 30 किस्तों के माध्यम से नारायणपुर जिले की महिलाओं के खातों में 74 करोड़ 66 लाख 42 हजार 300 रुपये की राशि सीधे जमा की जा चुकी है।
योजना की राशि से महिलाओं को रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों की स्कूल फीस, अध्ययन सामग्री और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में भी मदद मिल रही है। कुछ लाभार्थी महिलाएं घरेलू खर्च के बाद राशि को भविष्य की जरूरतों के लिए बचा रही हैं। इससे नियमित आर्थिक सहायता के साथ बचत और वित्तीय अनुशासन को भी बढ़ावा मिलने की बात कही जा रही है।
महतारी वंदन योजना का असर केवल परिवारों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक संसाधन पहुंचने से स्थानीय दुकानों, हाट-बाजारों और छोटे कारोबारों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना रहती है। इस तरह महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता परिवार के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देने में भूमिका निभा रही है।
सरकार की ओर से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने का दावा किया जा रहा है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देकर उन्हें परिवार की जरूरतों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने और अपने फैसलों में आर्थिक आत्मविश्वास हासिल करने का अवसर मिल रहा है।
रक्षाबंधन से पहले जारी हुई 31वीं किस्त को सरकार ने महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता से जोड़कर प्रस्तुत किया है। योजना के जरिए मिलने वाली नियमित सहायता से महिलाओं को आर्थिक संबल मिलने के साथ परिवार की जरूरतों को पूरा करने में राहत मिल रही है। राज्य सरकार के अनुसार, आर्थिक सहायता से सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी है।

