Raipur News: रायपुर। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुए विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। कार्रवाई का विरोध कर रहे अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ माना थाना पुलिस ने बलवा समेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर मिले वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमण हटाने के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए सोमवार को प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ नकटी गांव पहुंची थी। प्रशासन ने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और प्रशासन तथा प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
पुलिस के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने बुलडोजर में तोड़फोड़ की और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की एवं झूमाझटकी की। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और कार्रवाई पूरी कराई।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
घटना के बाद माना थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 121, 191(1) और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पहचान होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
80 मकानों पर चला बुलडोजर
गौरतलब है कि विधायक कॉलोनी परियोजना के लिए प्रशासन ने नकटी गांव में करीब 80 मकानों को हटाया है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 मकान भी शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई से पहले रविवार देर रात से ही पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूर्व निर्धारित योजना के तहत की गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
पुनर्वास को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
कार्रवाई के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने घटनास्थल के पास धरना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि उनके संयुक्त परिवार वर्षों से अलग-अलग मकानों में रह रहे थे, लेकिन पुनर्वास के तहत प्रत्येक परिवार को केवल एक मकान देने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे कई परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा हो जाएगा।
ग्रामीणों ने मांग की है कि परिवार के वास्तविक सदस्यों की संख्या के आधार पर पुनर्वास किया जाए, ताकि किसी भी परिवार को बेघर न होना पड़े।
प्रशासन का दावा—सभी पात्र परिवारों का होगा पुनर्वास
वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, विस्थापित परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) आवासों में बसाने के लिए आवंटन की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का कहना है कि सभी पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों का पक्ष नहीं आया सामने
घटना के संबंध में रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं रायपुर ग्रामीण पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी आधिकारिक प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से भी कोई बयान जारी नहीं किया गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। दूसरी ओर, प्रभावित ग्रामीणों का धरना जारी है और वे पुनर्वास संबंधी मांगों को लेकर प्रशासन से समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच आगे होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हैं।

