Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। नवा रायपुर में मंत्रालय स्टाफ बस में आग लगने की घटना के बाद कर्मचारियों में आक्रोश है। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में कर्मचारी मंत्रालय के बाहर एकत्र हुए और स्टाफ बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। कर्मचारियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच के साथ सभी स्टाफ बसों की फिटनेस और तकनीकी स्थिति की जांच कराने की मांग की।
कर्मचारियों का आरोप है कि स्टाफ को लाने-ले जाने वाली कई बसें पुरानी और खराब स्थिति में हैं। उनका कहना है कि बसों की स्थिति को लेकर पहले भी कई बार अधिकारियों को शिकायत की जा चुकी है। कर्मचारियों के मुताबिक, मंत्रालय आने-जाने के दौरान कई बसें रास्ते में कई बार बंद भी हो जाती थीं।
कर्मचारियों ने मांग की है कि यदि संभव हो तो स्टाफ के लिए नई बसों की व्यवस्था की जाए। वहीं मौजूदा बसों की नियमित फिटनेस और तकनीकी जांच सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि परिवहन विभाग द्वारा बसों की फिटनेस जांच किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि जांच के दौरान बसों का वास्तविक तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है या नहीं।
कर्मचारियों के अनुसार, स्टाफ बस में आग लगने की घटना पहली बार नहीं है। संघ की ओर से पहले भी बसों की स्थिति और छोटी-मोटी घटनाओं की जानकारी अधिकारियों को दी जाती रही है। कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि पूर्व में शिकायतें सामने आने के बावजूद बसों की सुरक्षा और तकनीकी स्थिति में सुधार के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए।
घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए एक कमेटी गठित किए जाने की बात सामने आई है। प्रस्तावित कमेटी में मंत्रालय के कर्मचारियों के साथ NRDA, निगम के अधिकारी, बस ऑपरेटर और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। कर्मचारियों के संघ के साथ कमेटी की बैठक में घटना की परिस्थितियों, जिम्मेदारी और जवाबदेही को लेकर चर्चा की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों पर भी निर्णय लिया जाएगा।

