Raipur News: रायपुर। रायपुर-बिलासपुर एनएच-130 पिछले कुछ वर्षों में हादसों के लिए बदनाम हो गया है। 118 किलोमीटर लंबे इस हाईवे पर पिछले तीन वर्षों में चिन्हित 8 ब्लैक स्पॉट पर 52 बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें 45 लोगों की जान जा चुकी है। लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने हाईवे को सुरक्षित बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
एनएचएआई ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान के लिए फ्लाईओवर, व्हीकल अंडरपास और सर्विस लेन बनाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इन निर्माण कार्यों के बाद हाईवे पर ट्रैफिक दबाव कम होगा और हादसों की संख्या में कमी आएगी।
सांकरा, सिलतरा और मोहदा मोड़ बने सबसे खतरनाक हिस्से
एनएच-130 पर सांकरा, सिलतरा, मोहदा मोड़ और खंडवा मोड़ जैसे क्षेत्र सबसे ज्यादा संवेदनशील माने गए हैं। इन स्थानों पर भारी वाहनों की अधिक आवाजाही, अंधे मोड़, खराब रोशनी, अवैध यू-टर्न और अचानक बनने वाले कट पॉइंट दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहे हैं।
औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण सांकरा और सिलतरा में ट्रकों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। कई जगह सर्विस रोड नहीं होने से स्थानीय वाहन सीधे हाईवे पर आ जाते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों से टक्कर का खतरा बढ़ जाता है।
शाम 6 से रात 10 बजे के बीच ज्यादा हादसे
हाईवे पर हादसों का खतरा शाम ढलने के बाद और बढ़ जाता है। आंकड़ों के अनुसार शाम 6 बजे से रात 10 बजे के बीच दुर्घटनाएं ज्यादा सामने आती हैं। इस समय भारी वाहनों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन कई हिस्सों में पर्याप्त लाइटिंग नहीं होने से वाहन चालकों को परेशानी होती है।
इसके अलावा सुबह 3 बजे से 11 बजे के बीच भी ट्रैफिक दबाव अधिक रहता है। तेज रफ्तार ट्रक और अचानक आने वाले कट पॉइंट हादसों का कारण बनते हैं।
सिलतरा में बनेगा 1.05 किमी लंबा छह लेन फ्लाईओवर
हादसों को रोकने के लिए एनएचएआई ने कई बड़े निर्माण कार्यों की योजना बनाई है। रायपुर-सिमगा हिस्से में जीके टाउनशिप के पास सर्विस लेन बनाई जाएगी। वहीं सांकरा और सिलतरा में छह लेन फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं।
सिलतरा में बनने वाला फ्लाईओवर करीब 1.05 किलोमीटर लंबा होगा। इसकी अनुमानित लागत करीब 80 करोड़ रुपये बताई जा रही है। निर्माण कार्य को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन जगहों पर भी होंगे सुधार कार्य
सिमगा से बिलासपुर के बीच कई दुर्घटना संभावित स्थानों पर भी काम किया जाएगा। इसमें खरगेना, वन सांकरा जंक्शन, दरचुरा, मोहभट्टा, मोहदा मोड़ और खंडवा मोड़ जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इन जगहों पर फ्लाईओवर या व्हीकल अंडरपास बनाए जाने की योजना है। इससे वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित होगी और आमने-सामने होने वाली टक्कर की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
लंबे समय से चिन्हित थे ब्लैक स्पॉट, अब शुरू हुई कार्रवाई
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि ये ब्लैक स्पॉट लंबे समय से परेशानी का कारण बने हुए थे। कई बार सर्विस रोड, अंडरपास, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन अब हादसों के बढ़ते आंकड़ों के बाद एनएचएआई ने कार्रवाई तेज की है।
रायपुर प्रोजेक्ट डायरेक्टर दिग्विजय सिंह के अनुसार रायपुर-सिमगा हिस्से में फ्लाईओवर और सर्विस लेन के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। वहीं बिलासपुर प्रोजेक्ट डायरेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि सिमगा-बिलासपुर हिस्से के लिए डीपीआर तैयार कर लिया गया है।
फैक्ट फाइल
- हाईवे की कुल लंबाई: 118 किमी
- चिन्हित ब्लैक स्पॉट: 8
- तीन वर्षों में हादसे: 52
- हादसों में मौतें: 45
- प्रस्तावित फ्लाईओवर: 5
- व्हीकल अंडरपास: 2
- सर्विस लेन: 1
- सिलतरा फ्लाईओवर की लंबाई: 1.05 किमी
- अनुमानित लागत: करीब 80 करोड़ रुपये
- निर्माण अवधि: 18 माह
एनएच-130 पर होने वाले लगातार हादसों के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि प्रस्तावित निर्माण कार्य पूरे होने के बाद यह मार्ग पहले से ज्यादा सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।

