Raipur News : सही और तथ्यपरक खबर ही पत्रकारिता की पहचान, राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय को दिया 1000 विद्यार्थियों का लक्ष्य

Raipur News : सही और तथ्यपरक खबर ही पत्रकारिता की पहचान, राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय को दिया 1000 विद्यार्थियों का लक्ष्य

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास और ‘मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में समाचारों में सत्य, तथ्य और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि ‘मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र’ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों को समझने और मीडिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार एवं प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए नई तकनीकों की जानकारी और उनका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग बेहद जरूरी है।

सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास के शुभारंभ को लेकर राज्यपाल ने कहा कि इससे दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिलेगा। इससे छात्राओं को उच्च शिक्षा हासिल करने के साथ अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलेगा।

राज्यपाल रमेन डेका ने पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर जोर देते हुए कहा कि श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं है जो सबसे पहले खबर देता है, बल्कि वह है जो सही, तथ्यपरक और जिम्मेदारी के साथ खबर समाज के सामने रखता है। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया आज भी समाज में अपनी विश्वसनीयता बनाए हुए है और इस भरोसे को कायम रखना पत्रकारिता जगत की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामग्री को लेकर भी पत्रकारिता के विद्यार्थियों और मीडिया से जुड़े लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध हर सामग्री सत्य नहीं होती। किसी व्यक्ति या संस्था से जुड़ी खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूरी तरह पुष्टि करना आवश्यक है, ताकि गलत सूचना समाज तक न पहुंचे।

राज्यपाल ने कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी केवल बड़ी और चर्चित घटनाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पत्रकारों को समाज के अंतिम व्यक्ति की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाना चाहिए। इसके साथ ही ऐसे अनसुने नायक-नायिकाओं के प्रेरणादायी कार्यों को सामने लाना चाहिए, जिन्हें व्यापक पहचान नहीं मिल सकी है।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के लिए विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 1,000 करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने संचालित पाठ्यक्रमों के लिए आवश्यक मान्यता सुनिश्चित करने और शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को पत्रकारिता के बदलते स्वरूप के लिए तैयार करना चाहिए।

कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष मंडावी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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