Raipur News : बाढ़ के बाद राहत और पुनर्वास पर सरकार का फोकस, पात्र परिवारों को जल्द सहायता देने के निर्देश

Raipur News : बाढ़ के बाद राहत और पुनर्वास पर सरकार का फोकस, पात्र परिवारों को जल्द सहायता देने के निर्देश

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित परिवारों का हाल जाना और राहत एवं स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने शबरीनगर, श्रीनगर, लाइनपारा सहित विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और जरूरतें जानीं तथा उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री साय ने शबरीनगर में स्थापित राहत एवं स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर स्वयं भोजन परोसा और उनका हालचाल जाना। उन्होंने प्रभावित परिवारों के घर पहुंचकर बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी भी ली और अधिकारियों को सहायता पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से जिन परिवारों के मकान, घरेलू सामान या अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। राहत और पुनर्वास के कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि 23 और 24 सितंबर को हुई अतिवृष्टि के कारण सुकमा जिले के कई क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी थी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को तात्कालिक सहायता, सूखा राशन और गर्म कपड़े उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य जांच, पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन और स्वच्छता संबंधी उपाय किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कोंटा क्षेत्र में भी बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। लगातार बारिश के कारण शबरी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के गांवों के साथ कोंटा नगर पालिका के चार वार्डों में पानी भर गया था। कोंटा क्षेत्र में प्रभावित लोगों के लिए 19 राहत केंद्रों में ठहरने, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त मकानों और प्रभावित परिवारों से बातचीत कर नुकसान की जानकारी ली तथा अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र प्रभावितों को आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही बाढ़ के कारण घरों में रखे सामान को नुकसान पहुंचने वाले करीब 300 परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। यह राशि आरबीसी 6-4 के तहत पात्रता के अनुसार मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त होगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन की ओर लौटने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाए। नुकसान के आकलन से लेकर सहायता राशि के वितरण तक पूरी प्रक्रिया संवेदनशीलता और तत्परता से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि राहत के बाद अब पुनर्वास के कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


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