ITR Return File: नई दिल्ली: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने वाले टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स ऑडिट और रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को समझना जरूरी है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आयकर विभाग ने ITR से जुड़े फॉर्म और नियमों को लेकर जरूरी जानकारी जारी की है। हालांकि, टैक्स ऑडिट की तारीख टैक्सपेयर की श्रेणी और लागू नियमों के आधार पर अलग हो सकती है।
टैक्स ऑडिट वाले मामलों में क्या है नियम?
अगर किसी कारोबारी या प्रोफेशनल के लिए टैक्स ऑडिट जरूरी है, तो पहले उसके खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जाती है। इसके बाद निर्धारित फॉर्म में टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल की जाती है। आयकर विभाग के अनुसार, FY 2025-26 यानी AY 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े मौजूदा प्रावधान लागू हैं। विभाग की वेबसाइट पर इस अवधि के लिए सामान्य टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की डेडलाइन 30 सितंबर 2026 बताई गई है।
ITR और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट अलग-अलग काम
टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और ITR एक ही चीज नहीं हैं। टैक्स ऑडिट में खातों, आय-व्यय और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जाती है, जबकि ITR के जरिए टैक्सपेयर अपनी आय, टैक्स देनदारी और अन्य जरूरी जानकारियां आयकर विभाग को देता है।
टैक्सपेयर्स को किन दस्तावेजों पर ध्यान देना चाहिए?
टैक्सपेयर्स को अपने Books of Accounts, बैंक स्टेटमेंट, GST रिकॉर्ड और TDS से संबंधित दस्तावेजों को व्यवस्थित रखना चाहिए। किसी रिकॉर्ड में आय, खर्च या टैक्स क्रेडिट को लेकर अंतर दिखाई दे तो उसे समय रहते ठीक कराना जरूरी है।
ITR फाइल करने से पहले करें रिकॉर्ड की जांच
इनकम टैक्स विभाग ने AY 2026-27 के लिए ITR की अलग-अलग श्रेणियों के फॉर्म और ऑनलाइन यूटिलिटी उपलब्ध कराई है। विभाग की वेबसाइट पर AY 2026-27 के ITR-1 से ITR-4 के लिए कॉमन ऑफलाइन यूटिलिटी भी उपलब्ध है।
टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले टैक्सपेयर्स को अपने CA या टैक्स प्रोफेशनल के साथ समय रहते जरूरी दस्तावेज साझा कर देने चाहिए, ताकि ऑडिट रिपोर्ट और ITR से जुड़ी प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।


