Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। दिल्ली में जारी प्रदर्शन को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे धरने को रोकने के लिए दिल्ली में जगह-जगह घेराबंदी की गई है और सड़कों को बंद किया जा रहा है। बैज ने कहा कि वाहनों की जांच की जा रही है और एंबुलेंस को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार प्रदर्शन से डरी हुई है। बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब तक इस्तीफे नहीं होते, प्रदर्शन जारी रहेगा।
मीडिया से चर्चा के दौरान भाजपा के कांग्रेस पर संविधान को हाईजैक करने की कोशिश के आरोपों पर भी बैज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने और चुनाव आयोग के साथ मिलकर संविधान को कुचलने का आरोप लगाया। बैज ने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर आम लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
छत्तीसगढ़ में गन्ने की खरीदी दर 425 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की घोषणा पर बैज ने कहा कि प्रदेश में किसानों की स्थिति खराब है और मजदूरों को भी समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने इस घोषणा को किसानों के हित में पर्याप्त नहीं बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है और किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है।
रोजगार मेले को लेकर भी पीसीसी चीफ ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार करीब 10 हजार नौकरियां देने की बात कर रही है, जबकि प्रदेश में एक लाख से अधिक पद खाली हैं। बैज ने दावा किया कि सरकार पांच हजार पद भी नहीं भर पाई है और युवाओं को रोजगार के मुद्दे पर गुमराह किया जा रहा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के छत्तीसगढ़ दौरे पर टिप्पणी करते हुए बैज ने देश की रेल व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली से ट्रेनों का परिचालन सुचारु किया जाना चाहिए, उसके बाद छत्तीसगढ़ में नई ट्रेनों के उद्घाटन की बात होनी चाहिए। उन्होंने रेल मंत्री के दौरे को सरकारी फिजूलखर्ची बताते हुए रेलवे की मौजूदा व्यवस्था में सुधार की जरूरत जताई।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर पूछे गए सवाल पर बैज ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जंगल उजड़ रहे हैं और जल, जंगल तथा जमीन चहेते उद्योगपतियों को सौंपे जा रहे हैं। बैज ने मंत्री से इन मुद्दों पर जवाब देने की मांग की।

