Raipur News : चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई की मांग को लेकर घेराव

Raipur News : चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई की मांग को लेकर घेराव

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। राजधानी रायपुर में शुक्रवार को कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन कार्यालय के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर निर्वाचन कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके चलते पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की स्थिति बनी।

कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए निर्वाचन कार्यालय के आसपास पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता तीन बैरिकेड पार कर निर्वाचन कार्यालय की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य परिसर तक पहुंचने से रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन भी किया।

कांग्रेस का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। पार्टी ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की है। हालांकि, निर्वाचन आयोग की ओर से SIR को पात्र मतदाताओं को शामिल करने और अपात्र मतदाताओं को हटाने की प्रक्रिया बताया गया है। छत्तीसगढ़ में SIR की प्रक्रिया के लिए दावे-आपत्तियों और सत्यापन की निर्धारित प्रक्रिया भी लागू की गई थी।

कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई, उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है। कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर के राज्य चुनाव कार्यालयों के सामने प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी ने इसके बाद 28 सितंबर को जिला स्तर पर भी प्रदर्शन की घोषणा की है।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक खींचतान होती रही। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्वाचन कार्यालय के मुख्य परिसर तक पहुंचने से रोक दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।

वहीं, SIR को लेकर निर्वाचन आयोग और विपक्षी दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि SIR से जुड़े निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए हैं, जबकि मीडिया रिपोर्टों में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से कुछ फैसलों को लेकर आपत्तियां दर्ज किए जाने का दावा किया गया है।


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