Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वजन कम करने वाली दवाओं की नियमों के खिलाफ बिक्री का मामला सामने आने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विशेष जांच अभियान शुरू किया है। जांच में कई मेडिकल स्टोर्स पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं बेचे जाने की आशंका जताई गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने जिलेभर में मेडिकल दुकानों की जांच कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
मेडिकल स्टोर्स में दस्तावेजों की गहन जांच
उप संचालक के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने विभिन्न मेडिकल स्टोर्स में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान दवाओं के क्रय-विक्रय बिल, स्टॉक रजिस्टर, सप्लायर की जानकारी, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और वैध लाइसेंस दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई।
अधिकारियों ने विशेष रूप से उन दवाओं पर नजर रखी जो बिना डॉक्टर की पर्ची के बेची जा रही थीं। संदिग्ध स्टॉक और अनियमित रिकॉर्ड रखने वाले प्रतिष्ठानों की भी जांच की गई।
19 होलसेल और 73 रिटेल दुकानों में छापेमारी
विशेष अभियान के तहत जिले में कुल 19 होलसेल और 73 रिटेल मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया। विभागीय टीम ने दवाओं के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का मिलान करते हुए संबंधित दस्तावेजों की जांच की।
जांच के दौरान अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि दवाओं की बिक्री निर्धारित नियमों और वैध चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर ही हो रही है या नहीं।
3 फर्मों में मिली गड़बड़ी
निरीक्षण के दौरान 3 मेडिकल फर्मों में अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 तथा नियमावली 1945 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
विभाग ने फर्म संचालकों को निर्धारित समय के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जवाब के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नियम तोड़ने वालों पर सख्ती के संकेत
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने साफ किया है कि दवाओं की बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेज व्यवस्थित रखना अनिवार्य है और बिना डॉक्टर की सलाह के संवेदनशील दवाओं की बिक्री नियम विरुद्ध मानी जाएगी।
विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह विशेष जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

