Chhattisgarh Weather News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, लेकिन मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान सरगुजा संभाग के कई स्थानों और बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में सबसे अधिक 10 मिलीमीटर वर्षा खरोरा में रिकॉर्ड की गई।
प्रदेश में 24% कम हुई बारिश
बारिश के आंकड़ों के अनुसार, 12 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से करीब 24 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में 252.4 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य रूप से 320.6 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी। प्रदेश के 32 जिलों में से 16 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश की स्थिति में हैं, जबकि 14 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में दर्ज की गई है।
रायपुर में आज बारिश के संकेत
राजधानी रायपुर में सोमवार (13 जुलाई) को दिनभर बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
अगले दो दिन भी मौसम रहेगा सक्रिय
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
बारिश के आंकड़ों के अनुसार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अब तक 462.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत अधिक है। यह प्रदेश का एकमात्र जिला है जहां अत्यधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं मुंगेली में 331.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक है और यह जिला अधिक वर्षा की श्रेणी में शामिल है।
इसके अलावा बलौदाबाजार, बलरामपुर, दंतेवाड़ा, जांजगीर-चांपा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, महासमुंद, रायपुर और सक्ती में सामान्य के आसपास बारिश दर्ज की गई है, जबकि कोरबा, राजनांदगांव, बिलासपुर समेत कई जिले अब भी वर्षा की कमी का सामना कर रहे हैं।

