Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार एक ओर जमीन के रिकॉर्ड को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने का दावा कर रही है, वहीं बिलासपुर में एक महिला को अपने ही जमीन रिकॉर्ड में डिजिटल हस्ताक्षर बहाल करवाने के लिए जनदर्शन का सहारा लेना पड़ा। महिला ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन के रिकॉर्ड से डिजिटल हस्ताक्षर हटा दिए गए हैं, जिसके कारण उन्हें जमीन संबंधी कार्यों में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तखतपुर निवासी उषा कौशिक ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी भूमि खसरा नंबर 154/3, मौजा बिरकोना, महल नंबर 02 के रिकॉर्ड में पहले से डिजिटल हस्ताक्षर दर्ज थे। आरोप है कि वर्तमान पटवारी पराग पहिलागे द्वारा रिकॉर्ड से डिजिटल हस्ताक्षर हटा दिए गए।
कई बार कार्यालय के चक्कर, फिर भी नहीं हुआ समाधान
महिला का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार पटवारी कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। डिजिटल हस्ताक्षर हटने के कारण जमीन से जुड़े जरूरी काम अटक गए हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और प्रशासनिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
उषा कौशिक ने कलेक्टर से मांग की है कि उनके जमीन रिकॉर्ड में दोबारा डिजिटल हस्ताक्षर दर्ज करवाए जाएं, ताकि वे अपने जमीन संबंधी कार्य सामान्य रूप से कर सकें।
डिजिटल व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर उठे सवाल
राज्य सरकार लगातार भू-अभिलेखों को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है। डिजिटल हस्ताक्षर वाली ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था को भ्रष्टाचार और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया गया था।
लेकिन बिलासपुर में सामने आया यह मामला जमीनी स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और रिकॉर्ड प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर करता नजर आ रहा है। अब यह देखना होगा कि जनदर्शन में शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और महिला को कब तक राहत मिलती है।

