President Droupadi Murmu Chhattisgarh Visit रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ से अपने आत्मीय जुड़ाव को व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी वह इस राज्य में आती हैं, उन्हें हमेशा घर जैसा अनुभव होता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की मिट्टी में अपनत्व और लोगों की सरलता की सराहना करते हुए कहा कि यही विशेषता इस राज्य को देशभर में अलग पहचान देती है।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर की संस्कृति न केवल प्राचीन है, बल्कि उसमें एक अनोखी मिठास और जीवंतता भी है। उन्होंने बस्तर की परंपराओं, लोककला और जनजातीय जीवनशैली को भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराएं और आधुनिक विकास के बीच संतुलन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। यहां की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना केवल राज्य की नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि राज्य की महिलाएं उद्यमशीलता और विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ को देश के विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि राज्य की प्राकृतिक संपदा का सतत और संतुलित उपयोग करते हुए विकास की राह को और मजबूत किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ आने वाले समय में सांस्कृतिक समृद्धि और आर्थिक विकास दोनों क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छुएगा।

