Pratappur News: रेवटी PHC में छत से सीपेज, मरीजों को बैठने तक की जगह नहीं; ग्रामीणों ने की मरम्मत की मांग

Pratappur News: रेवटी PHC में छत से सीपेज, मरीजों को बैठने तक की जगह नहीं; ग्रामीणों ने की मरम्मत की मांग

Chhattisgarh Pratappur News: प्रतापपुर। ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेवटी इन दिनों खुद बदहाली का शिकार है। बारिश के दौरान अस्पताल की छत और दीवारों से लगातार पानी का रिसाव होने से भवन की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अस्पताल में मरीजों के साथ-साथ आवश्यक दवाइयों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

पीएचसी के स्टोर रूम में रखी आवश्यक दवाइयों के ऊपर छत से पानी टपकने की स्थिति सामने आई है। बारिश का पानी दवाइयों तक पहुंचने से उनके खराब होने की आशंका बनी हुई है। मरीजों के उपचार के लिए जरूरी दवाइयों के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था नहीं होने से स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।

अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी बारिश के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई कमरों में छत से पानी टपकने के कारण मरीजों के बैठने तक की जगह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में इलाज और राहत मिलनी चाहिए, लेकिन भवन की खराब स्थिति ही मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दूरस्थ क्षेत्र के लोगों के लिए रेवटी पीएचसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में यहां डॉक्टरों और कर्मचारियों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से ड्यूटी व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।

अस्पताल की छत और दीवारों से पानी का रिसाव होने के कारण विद्युत उपकरणों और वायरिंग में नमी आने की आशंका भी बनी हुई है। इससे करंट लगने जैसी दुर्घटना का खतरा हो सकता है। जर्जर भवन को देखते हुए ग्रामीणों ने समय रहते भवन का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेवटी का तत्काल निरीक्षण कराने के साथ भवन की मरम्मत और जीर्णोद्धार कराने की मांग की है। इसके अलावा दवाइयों के सुरक्षित भंडारण और डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी व्यवस्था की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली दूर करने के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग रेवटी पीएचसी की समस्याओं को दूर करने के लिए कब तक ठोस कदम उठाता है।


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