Gariaband Latest News: सरकारी स्कूल भवन निर्माण पर उठे सवाल, 80 फीसदी स्लैब ढलाई के बाद पहुंची तकनीकी जांच टीम

Gariaband Latest News: सरकारी स्कूल भवन निर्माण पर उठे सवाल, 80 फीसदी स्लैब ढलाई के बाद पहुंची तकनीकी जांच टीम

Chhattisgarh Gariaband News: गरियाबंद। जिले की उरमाल ग्राम पंचायत में समग्र शिक्षा मद से निर्माणाधीन प्राथमिक शाला के अतिरिक्त कक्ष भवन के निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। करीब 8 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस भवन में निर्माण मापदंडों की अनदेखी किए जाने की शिकायत की गई है। शुक्रवार को स्लैब ढलाई के दौरान सेंट्रिंग और अन्य तकनीकी खामियों को लेकर विवाद हो गया। वहीं, निर्माण एजेंसी पर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ दबंगई करने का भी आरोप लगा है। प्राथमिक शाला के अतिरिक्त कक्ष भवन में स्लैब ढलाई की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान निर्माण कार्य में गड़बड़ी की सूचना मिलने पर ग्राम सरपंच खगेश्वर ध्रुव पंचायत पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्हें निर्माण कार्य में कई खामियां दिखाई दीं। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) के तकनीकी सहायक को दी।

निर्माण कार्य आरईएस की निगरानी में कराया जा रहा था, लेकिन मैनपुर मुख्यालय से तकनीकी सहायक के मौके पर पहुंचने से पहले ही निर्माण एजेंसी करीब 80 प्रतिशत स्लैब की ढलाई कर चुकी थी।

मौके पर पहुंचे आरईएस के तकनीकी सहायक तामेश्वर साहू ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने शुरुआती जांच में कई तकनीकी खामियां मिलने की बात कही। उनके अनुसार, निर्धारित मापदंडों के अनुरूप बीम का निर्माण नहीं किया गया। 9 सेंटीमीटर के स्थान पर 20 सेंटीमीटर का निर्माण किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा स्लैब में निर्धारित 4 सेंटीमीटर की ढलान नहीं मिली। छड़ों को भी तय मापदंडों के अनुसार नहीं बांधा गया था। सेंट्रिंग के काम में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

तकनीकी सहायक ने निर्माण कार्य रोकने के लिए कहा, लेकिन आरोप है कि साइट इंचार्ज ने निर्देशों का पालन नहीं किया। उल्टे पंचायत प्रतिनिधियों के सामने कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में जवाब दिया गया। मौके पर उपयंत्री की मौजूदगी में पंचायत प्रतिनिधियों के समक्ष पंचनामा भी तैयार किया गया है।

तकनीकी सहायक तामेश्वर साहू ने बताया कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जाएगी। निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की जांच कराई जाएगी। यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो भुगतान रोकने के लिए प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा।

ग्राम सरपंच खगेश्वर ध्रुव ने बताया कि निर्माण कार्य में गड़बड़ी को लेकर निर्माण एजेंसी यूनाइटेड ट्रेड्स के प्रोपराइटर सफदर हुसैन को फोन किया गया था। सरपंच का आरोप है कि उन्होंने गलती स्वीकार कर निर्माण कार्य रोकने और सुधार करने के बजाय पंचायत प्रतिनिधियों को ही कथित तौर पर रौब दिखाया।

फिलहाल मामले में शुरुआती तकनीकी जांच के आधार पर अनियमितताओं की बात सामने आई है। अब उच्च अधिकारियों की जांच और निर्माण सामग्री के परीक्षण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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