Kawardha News: तीन लंगूरों का रेस्क्यू, फिर भी नहीं थमा आतंक; वन विभाग की निगरानी जारी

Kawardha News: तीन लंगूरों का रेस्क्यू, फिर भी नहीं थमा आतंक; वन विभाग की निगरानी जारी

Chhattisgarh Kawardha News: कवर्धा। शहर में लंगूरों का बढ़ता आतंक अब आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। बीते 10 दिनों में शहर के वार्ड क्रमांक 10, 11 और 12 में 12 से अधिक लोगों पर लंगूरों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। लगातार हो रही घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल है और लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, लंगूर मकानों की छतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और दीवारों पर बैठे रहते हैं और अचानक राहगीरों पर झपट्टा मार देते हैं। हमलों में कई लोगों के हाथ, पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। कुछ घायलों को अस्पताल में टांके लगाने पड़े, जबकि संक्रमण की आशंका के चलते डॉक्टरों ने एंटी रैबीज के टीके भी लगाए हैं।

लगातार हो रहे हमलों से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में भय का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे अकेले स्कूल जाने से डर रहे हैं, वहीं महिलाएं और बुजुर्ग भी जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। दोपहिया वाहन चालकों को भी आशंका है कि चलते समय लंगूर के हमले से बड़ा सड़क हादसा हो सकता है।

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वन विभाग ने बिलासपुर से आई पशु चिकित्सक टीम के साथ संयुक्त अभियान चलाकर तीन लंगूरों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया था। हालांकि इसके बावजूद हमलों का सिलसिला नहीं थमा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में सक्रिय सभी आक्रामक लंगूरों को हटाए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है।

कवर्धा वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि वन विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही है और जहां से भी हमले की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल अमला भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक तीन लंगूरों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे लंगूरों को भोजन न दें, उन्हें उकसाने का प्रयास न करें और किसी भी घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।


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