Chhattisgarh News: श्रम सम्मान राशि पर लगी रोक से अनियमित कर्मचारियों में नाराजगी, फेडरेशन ने सरकार पर साधा निशाना

Chhattisgarh News: श्रम सम्मान राशि पर लगी रोक से अनियमित कर्मचारियों में नाराजगी, फेडरेशन ने सरकार पर साधा निशाना

Chhattisgarh News: रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की “श्रम सम्मान राशि योजना” को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश के हजारों अनियमित कर्मचारियों को मिलने वाली प्रतिमाह 4 हजार रुपये की श्रम सम्मान राशि पर रोक जैसी स्थिति बनने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन ने आरोप लगाया है कि सरकार ने बिना किसी आधिकारिक घोषणा के योजना को अघोषित रूप से बंद करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।

वित्त विभाग के वित्त निर्देश 29/2023 के तहत 1 अगस्त 2023 से दैनिक वेतनभोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर पर कार्यरत अकुशल, अर्धकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल श्रेणी के कर्मचारियों को प्रतिमाह 4 हजार रुपये की श्रम सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया था। इस योजना से प्रदेश के 35 हजार से अधिक अनियमित कर्मचारी लाभान्वित हो रहे थे।

हालांकि, 5 जून 2026 को वरिष्ठ कोषालय अधिकारी, इन्द्रावती कोषालय नवा रायपुर द्वारा जारी एक पत्र ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि बिना नियुक्ति आदेश वाले कर्मचारियों के श्रम सम्मान राशि संबंधी देयक कोषालय में प्रस्तुत न किए जाएं। इस आदेश के बाद कई विभागों में कर्मचारियों को राशि मिलने पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार तकनीकी कारणों का हवाला देकर उन कर्मचारियों को लाभ से वंचित कर रही है, जिनके हित में यह योजना शुरू की गई थी। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच अनियमित कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण है, ऐसे में श्रम सम्मान राशि पर रोक उनके हितों के खिलाफ है।

फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मांग की है कि श्रम सम्मान राशि योजना को पूर्ववत जारी रखा जाए तथा सभी दैनिक वेतनभोगी, कलेक्टर दर एवं श्रमायुक्त दर के कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के इसका लाभ दिया जाए। साथ ही कोषालय और विभागीय स्तर पर उत्पन्न भ्रम की स्थिति को तत्काल दूर करने की भी मांग की गई है।

फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि इस आदेश को वापस नहीं लिया गया और कर्मचारियों को श्रम सम्मान राशि का भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के अनियमित कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। संगठन का कहना है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


Related Articles