हनोई में गूंजी भारतीय संस्कृति की स्वर लहरियां: रचना मिश्रा ने “देश राग” में कथक से मोहा अंतरराष्ट्रीय मंच

हनोई में गूंजी भारतीय संस्कृति की स्वर लहरियां: रचना मिश्रा ने “देश राग” में कथक से मोहा अंतरराष्ट्रीय मंच

हनोई। डॉ. राखी रॉय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन “देश राग” में 11 मई से 14 मई तक हनोई में भारतीय कला और संस्कृति की भव्य छटा देखने को मिली। चार दिनों तक चले इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों-छत्तीसगढ़, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और हैदराबाद सहित कई स्थानों से आए कलाकारों ने शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं।

इस अवसर पर रचना मिश्रा ने जयपुर घराने की शास्त्रीय कथक प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। यह उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति थी, जिसे उन्होंने अपनी गुरु आरती शंकर एवं पंडित राजेंद्र गंगानी को समर्पित किया।

रचना मिश्रा ने डॉ. राखी रॉय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बचपन से उनकी कथक सीखने की इच्छा थी, लेकिन परिस्थितियों के कारण उन्हें अवसर नहीं मिल पाया। तीन वर्ष पूर्व उन्होंने विधिवत कथक प्रशिक्षण प्रारंभ किया और आज पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ इस कला साधना में जुटी हुई हैं।

कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय संगीत, वादन और नृत्य की विविध प्रस्तुतियों ने विदेशी धरती पर भारतीय संस्कृति की गरिमा को नई पहचान दी।

उल्लेखनीय है कि डॉ. राखी रॉय भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम की प्रतिष्ठित गुरु हैं। वे भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। उनका यह प्रयास भारतीय प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने की दिशा में अत्यंत प्रेरणादायक माना जा रहा है।


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