Chhattisgarh Balrampur News: बलरामपुर। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत हरीगवां में एक महिला आदिवासी सरपंच के साथ अभद्र व्यवहार, जातिसूचक टिप्पणी और रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। सरपंच मनबसिया खैरवार ने गांव के ही मंशाराम साहू पर पंचायत के विकास कार्य में बाधा डालने, जातिसूचक गाली देने और 1.50 लाख रुपये की अवैध मांग करने का आरोप लगाते हुए रघुनाथनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, 26 जून 2026 को ग्राम पंचायत के वार्ड क्रमांक 5 और 6 स्थित हरिजन पारा के पास सड़क पर मुरुम डालने का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान मंशाराम साहू मौके पर पहुंचा और कथित रूप से निर्माण कार्य रुकवा दिया। सरपंच का आरोप है कि आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें अपमानित किया और कहा कि गांव में कोई भी निर्माण कार्य उसके आदेश के बिना नहीं होगा।
सरपंच का आरोप है कि आरोपी ने खुद को गांव का दबंग और राजनीतिक दल का नेता बताते हुए कहा कि यदि उसकी मर्जी के अनुसार काम नहीं किया गया तो 1.50 लाख रुपये नकद देने होंगे, अन्यथा पंचायत का कोई भी काम नहीं होने दिया जाएगा।
माला पहनाने की घटना के बाद बढ़ा विवाद
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में एक भाजपा नेता द्वारा महिला सरपंच को माला पहनाने की घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की शुरुआत हुई थी। इसके बाद पंचायत के विकास कार्यों में लगातार हस्तक्षेप किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सरपंच ने क्या कहा
महिला सरपंच मनबसिया खैरवार ने कहा कि वह एक आदिवासी महिला हैं और जनता ने उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से चुनकर सरपंच बनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान मंशाराम साहू ने उनके साथ गाली-गलौज की, पैसों की मांग की और धमकी दी कि उसके बिना गांव में “पत्ता भी नहीं हिलेगा।” उन्होंने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने क्या कहा
रघुनाथनगर थाना प्रभारी ने बताया कि 26 जून 2026 को सरपंच की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद तय होंगी धाराएं
पुलिस का कहना है कि फिलहाल शिकायत की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, रंगदारी, धमकी देने तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। फिलहाल किसी भी आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

