CG Surajpur News: सूरजपुर। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही डीजल, खाद और उर्वरक की कमी से परेशान किसानों का गुस्सा प्रतापपुर में फूट पड़ा। बड़ी संख्या में किसान और किसान नेताओं ने तहसील परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय का घेराव कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने बताया कि प्रतापपुर क्षेत्र के जरही, सोनगरा, खड़गवां, धोन्धा, रामपुर, भैसामुंडा और पोडीमोड़ समेत कई गांवों से पेट्रोल पंपों की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। इसके बावजूद जरीकन में डीजल देने से इनकार किया जा रहा है, जबकि ट्रैक्टर लेकर पहुंचने पर भी केवल एक हजार रुपये का डीजल दिया जा रहा है, जिससे खेती-किसानी के काम प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों का कहना है कि खरीफ फसल की तैयारी के तहत जुताई, बीड़ा निर्माण और सिंचाई का कार्य तेजी से किया जाना है, लेकिन डीजल संकट के कारण किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने प्रत्येक किसान को जरीकन में कम से कम 50 लीटर डीजल उपलब्ध कराने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सहकारी समितियों में खाद और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, उर्वरक परमिट जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा जिला सहकारी बैंक में जमा चेक राशि का उसी दिन खाते में अंतरण कर नगद निकासी की सुविधा देने की मांग भी उठाई।
किसानों ने निजी उर्वरक और बीज विक्रेताओं पर स्टॉक छिपाकर कालाबाजारी करने का आरोप लगाते हुए नियमित जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही डीजल, खाद और बीज की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
धरना-प्रदर्शन में विद्यासागर आयाम, नवीन जायसवाल, त्रिभुवन सिंह, जगत लाल आयाम, सुरेश चक्रधारी, शिवकुमार जायसवाल, नेहरू पटेल, विनोद नेताम, राजू सिंह आयाम, कलमेश राजवाड़े, प्यारेलाल नागवंशी, रामजनम यादव, जानसाय, विजय कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

