CG Durg News: दुर्ग। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की इकाई सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग (CCRT), नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मान समारोह में दुर्ग जिले के शिक्षक टिकेश्वर प्रसाद गजपाल को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारियों, जनस्मृतियों और लोककथाओं के दस्तावेजीकरण में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
यह समारोह आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्षभर आयोजित कार्यक्रमों के समापन अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रहे। समारोह में वरिष्ठ पत्रकार एवं विचारक राम बहादुर राय, संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल, CCRT के अध्यक्ष डॉ. विनोद नारायण इंदुरकर, संयुक्त सचिव समर नंदा, कमलेश कुमार मिश्र, निदेशक राजीव कुमार तथा CCRT के निदेशक पप्पूंजय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित “आजादी का अमृत महोत्सव” के अंतर्गत CCRT ने देशभर में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े व्यक्तित्वों, ऐतिहासिक घटनाओं, स्थलों और जनस्मृतियों के दस्तावेजीकरण का कार्य कराया था। इस राष्ट्रीय परियोजना में उत्कृष्ट योगदान देने वाले देशभर के चयनित 25 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में शासकीय हाई स्कूल आगेसरा (मर्ज शाला), दुर्ग में पदस्थ शिक्षक टिकेश्वर प्रसाद गजपाल को छत्तीसगढ़ से स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित ऐतिहासिक तथ्यों, लोककथाओं और जनस्मृतियों का संकलन कर राष्ट्रीय अभिलेखागार को समृद्ध बनाने में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
यह दुर्ग जिले के लिए विशेष गौरव का विषय है कि पूरे छत्तीसगढ़ से इस परियोजना के लिए चयनित तीनों शिक्षक दुर्ग जिले से हैं। इसे जिले की शैक्षणिक उत्कृष्टता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद श्री टिकेश्वर प्रसाद गजपाल ने कहा, “मेरे विचार में यह सम्मान स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों को मिलना चाहिए, जिनके अविस्मरणीय त्याग और बलिदान से ही भारत को आजादी मिली।”
राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि से दुर्ग जिले के शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है। शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने श्री गजपाल को बधाई देते हुए इसे पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया।

