दुर्ग पुलिस का ‘ऑपरेशन बकरा’: चोर गैंग पकड़ने दिल्ली में बेचे 12 बकरे, 300KM पीछा कर मास्टरमाइंड गिरफ्तार

दुर्ग पुलिस का ‘ऑपरेशन बकरा’: चोर गैंग पकड़ने दिल्ली में बेचे 12 बकरे, 300KM पीछा कर मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Chhattisgarh Durg News: दुर्ग: छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने इंटर-स्टेट चोर गैंग को पकड़ने के लिए ऐसा ऑपरेशन चलाया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। पुलिसकर्मी कभी बकरा बेचने वाले बने तो कभी जनगणना अधिकारी बनकर घर-घर पहुंचे। कई दिनों तक गुप्त तरीके से चली इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आखिरकार गैंग के मास्टरमाइंड नासिर उर्फ आनस खान को उत्तरप्रदेश के ईटावा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी चार राज्यों में करोड़ों की चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।

लगातार चोरियों के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन

दरअसल मई के पहले सप्ताह में दुर्ग के नेहरू नगर, सुपेला, पद्मनाभपुर और अन्य इलाकों में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। जांच के दौरान पुलिस ने पहले मेरठ निवासी हाशिम खान को गिरफ्तार किया। उसके पास से चोरी का सोना खरीदने वाले ज्वेलरी कारोबारी सलीम खान को भी पकड़ा गया।

दोनों आरोपियों से करीब 60 लाख रुपए का सोना बरामद किया गया। पूछताछ में गैंग के मास्टरमाइंड नासिर हुसैन का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई।

बकरा बेचने वाले बनकर की रेकी

करीब 15 दिन पहले पुलिस टीम दिल्ली के शाहीन बाग, मदनपुर खादर और नोएडा इलाके में पहुंची, लेकिन आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था। इलाके की संकरी गलियों और ऊंची इमारतों के कारण सीधे कार्रवाई करना मुश्किल था।

ऐसे में पुलिस ने नई रणनीति बनाई। टीम के कुछ सदस्य बकरा बेचने वाले बन गए और स्थानीय लोगों के बीच घुलमिलकर संदिग्धों पर नजर रखने लगे। इस दौरान पुलिस ने करीब 12 बकरे भी बेचे।

पुलिस के अनुसार दिल्ली में एक बकरे की कीमत 30 से 35 हजार रुपए तक थी। हालांकि इतनी मशक्कत के बाद भी आरोपी का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया।

जनगणना अधिकारी बनकर जुटाई जानकारी

इसके बाद पुलिस ने दूसरी योजना बनाई। पुलिसकर्मी जनगणना अधिकारी बनकर घर-घर पहुंचे और लोगों से बातचीत के जरिए आरोपी के ठिकानों और आवाजाही की जानकारी जुटाई। करीब एक सप्ताह तक यह पूरा ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से चलता रहा।

इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नासिर हुसैन चोरी के गहने बेचकर खरीदी गई कार से बिहार के दरभंगा भागने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस सक्रिय हो गई और यमुना एक्सप्रेस-वे पर आरोपी का पीछा शुरू किया गया।

300 किलोमीटर पीछा कर किया गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच डीएसपी युदमणि सिदार के मुताबिक आरोपी 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार चला रहा था। इसके बावजूद पुलिस टीम लगातार उसका पीछा करती रही। करीब 300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद ईटावा के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

लग्जरी लाइफ जी रहा था आरोपी

पूछताछ में आरोपी ने कई बड़ी चोरी की वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर करीब 20 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है।

जब्त सामान में 1.22 लाख रुपए नकद, करीब 7 लाख रुपए का डायमंड ब्रेसलेट, सोने-चांदी के गहने, चांदी के सिक्के, नए कपड़े और करीब 8 लाख रुपए कीमत की Kia Seltos कार शामिल है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी चोरी के पैसों से लग्जरी जिंदगी जी रहा था और लगातार शहर बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। आरोपी मूल रूप से बिहार के दरभंगा का रहने वाला है, लेकिन दिल्ली के शाहीन बाग और मदनपुर खादर इलाके में भी रह चुका है। फिलहाल आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाया गया है, जहां उससे आगे पूछताछ जारी है।


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