CG News: कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में खेत की रखवाली के लिए लगाया गया करंट एक परिवार के लिए काल बन गया। लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बिरनपुर में फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर लगाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। कुछ ही मिनटों के अंतराल में हुई इस घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, बिजली आपूर्ति बंद कराई और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
फसल की सुरक्षा के लिए लगाया था करंट वाला तार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बिरनपुर की है। गांव निवासी परमेश्वर पटेल (22 वर्ष) अपने परिवार के साथ किराए पर खेत लेकर खेती-किसानी करता था। फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के उद्देश्य से उसने खेत के चारों ओर बिजली का तार लगाया था, जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था।
बताया जा रहा है कि बुधवार को परमेश्वर खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान वह अनजाने में करंट वाले तार की चपेट में आ गया। तेज करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बेटे को बचाने पहुंचे पिता भी नहीं बच सके
कुछ देर बाद परमेश्वर के पिता गोकरण पटेल (55 वर्ष) खेत पहुंचे। उन्होंने बेटे को जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा देखा और बिना खतरे का अंदाजा लगाए उसे उठाने की कोशिश की। जैसे ही उन्होंने बेटे को छुआ, वे भी करंट की चपेट में आ गए। तेज बिजली के झटके से उनकी भी मौके पर ही मौत हो गई।
कुछ ही समय में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने दी पुलिस को सूचना
आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने जब पिता-पुत्र को जमीन पर पड़ा देखा तो तत्काल गांव के कोटवार और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही लोहारा थाना पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई गई, जिसके बाद दोनों शवों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
किराए पर लेकर करते थे खेती
जानकारी के अनुसार, गोकरण पटेल और उनका बेटा परमेश्वर किराए पर खेत लेकर खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। फसल को मवेशियों से बचाने के लिए उन्होंने खेत में बिजली का करंट प्रवाहित कर दिया था, लेकिन यही उपाय उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। पिता-पुत्र की एक साथ मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
एक साल में दूसरी घटना, फिर भी नहीं ले रहे सबक
गौरतलब है कि बिरनपुर गांव में खेतों की सुरक्षा के लिए बिजली का करंट लगाने से मौत का यह एक वर्ष के भीतर दूसरा मामला है। इससे पहले भी इसी तरह की घटना में एक व्यक्ति की जान जा चुकी थी। बावजूद इसके कुछ किसान फसल की सुरक्षा के लिए खेतों में करंट प्रवाहित तार लगाने जैसी खतरनाक व्यवस्था का इस्तेमाल कर रहे हैं।
पुलिस ने किसानों से की अपील
लोहारा थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि खेतों की सुरक्षा के लिए बिजली के करंट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। यह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि किसी भी व्यक्ति और पशु के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। खेतों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित और वैकल्पिक उपाय अपनाने चाहिए।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर इस बात की चेतावनी है कि फसल बचाने के लिए अपनाए जाने वाले असुरक्षित तरीके कभी-कभी पूरे परिवार की खुशियां छीन सकते हैं। प्रशासन ने भी ग्रामीणों से ऐसे खतरनाक उपायों से बचने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।

