Chhattisgarh News: रायपुर। बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में वर्षों से साहस और समर्पण के साथ सेवा दे रहे निरीक्षक लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख को 8 जून को दिल्ली में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। दोनों पुलिस अधिकारियों को नक्सल विरोधी अभियानों में असाधारण वीरता और नेतृत्व के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
वर्तमान में लक्ष्मण केवट पखांजूर थाना प्रभारी तथा रामेश्वर देशमुख भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ हैं। दोनों अधिकारियों ने 16 अप्रैल 2024 को कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के जंगलों में हुए एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान का नेतृत्व किया था। इस अभियान में 15 महिला नक्सलियों सहित कुल 29 नक्सली मारे गए थे। इसे छत्तीसगढ़ के नक्सल इतिहास के सबसे बड़े और सफल एनकाउंटरों में से एक माना जाता है।
नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय योगदान के कारण पुलिस महकमे में दोनों अधिकारियों को ‘राम-लक्ष्मण’ की जोड़ी के नाम से भी जाना जाता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार निरीक्षक लक्ष्मण केवट अब तक 97 नक्सलियों को मार गिराने वाले अभियानों का हिस्सा रहे हैं, जबकि रामेश्वर देशमुख ने 56 नक्सलियों के खिलाफ सफल कार्रवाई की है।
शौर्य चक्र सम्मान प्राप्त करने के बाद लक्ष्मण केवट ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल ऑपरेशन चलाना नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना और आम लोगों का विश्वास जीतना है। उन्होंने बताया कि कई कठिन अभियानों में पुलिस बल ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
वहीं रामेश्वर देशमुख ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पुलिस सेवा में आने के बाद से ही वे देश के सर्वोच्च वीरता सम्मानों को प्राप्त करने वाले अधिकारियों से प्रेरित होते रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें वर्ष 2017 और 2021 में वीरता पदक तथा 2025 में दक्षता पदक से सम्मानित किया जा चुका है। देशमुख ने कहा कि हर ऑपरेशन में जवान अपनी जान जोखिम में डालकर देश और समाज की सुरक्षा के लिए कार्य करते हैं।
शौर्य चक्र से सम्मानित होने पर पूरे पुलिस विभाग और बस्तर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए पुलिस बल के प्रयासों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

