Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के बाद बिलासपुर शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। इसका असर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल के कुछ हिस्सों और रेलवे यार्ड पर भी पड़ा। हालांकि रेलवे प्रशासन ने कहा है कि इस अनुभव से सबक लेते हुए भविष्य में जलभराव की समस्या से बचने के लिए जल निकासी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बारिश के दौरान रेलवे ट्रैक, यार्ड और रेल परिसरों में पानी भरना परिचालन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। इसे देखते हुए बिलासपुर रेल मंडल के विभिन्न क्षेत्रों का सर्वे कराया गया है, ताकि उन स्थानों की पहचान की जा सके जहां ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे यार्ड, ट्रैक और ड्रेनेज सिस्टम को एक निश्चित जल निकासी क्षमता के आधार पर डिजाइन किया जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कम समय में अत्यधिक बारिश की घटनाएं बढ़ी हैं। इसी कारण अब पुराने मानकों में बदलाव करते हुए जल निकासी क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
रेलवे के मुताबिक बिलासपुर रेलवे यार्ड सहित कई स्थानों पर नालियों की चौड़ाई और गहराई बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा पानी की निकासी के लिए अतिरिक्त आउटलेट तैयार किए जाएंगे और जल प्रवाह में बाधा बनने वाले हिस्सों को हटाया जाएगा। जरूरत के अनुसार नए ड्रेनेज चैनलों का भी निर्माण किया जाएगा, ताकि बारिश का पानी तेजी से रेलवे परिसर से बाहर निकल सके।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि इस कार्य में नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के साथ भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। कई स्थानों पर रेलवे क्षेत्र और शहर का ड्रेनेज सिस्टम आपस में जुड़ा हुआ है, इसलिए स्थायी समाधान के लिए दोनों व्यवस्थाओं को समान रूप से मजबूत करना जरूरी है।
रेलवे का कहना है कि जल निकासी व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। उद्देश्य केवल मौजूदा समस्या का समाधान करना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में अधिक बारिश की स्थिति में भी रेलवे यार्ड, ट्रैक और स्टेशन परिसरों को जलभराव से मुक्त रखते हुए ट्रेनों का सुरक्षित और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करना है।

