Bhopal Double Murder Case: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आए डबल मर्डर केस ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। ऐशबाग थाना क्षेत्र के सुदामा नगर स्थित एक मकान में बुजुर्ग दंपत्ति के शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच विशेष जांच टीमें गठित कर दी हैं। जोन-1 के नौ थानों की पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच भी इस रहस्यमयी मामले की जांच में जुटी हुई है।
एक ही कमरे में मिले पति-पत्नी के शव
पुलिस के अनुसार मृतक हेमंत बारीक और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक घर में अकेले रहते थे। कई दिनों तक दोनों के घर से बाहर नहीं निकलने पर किसी को संदेह नहीं हुआ। मामला तब सामने आया जब एक किराएदार किराया देने उनके घर पहुंचा। दरवाजा खोलने पर घर के भीतर एक कमरे में पति-पत्नी के शव पड़े मिले। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई।
शवों पर मिले गोली के निशान
प्रारंभिक जांच में पता चला कि शकुंतला के सिर पर दो गोलियां लगी थीं, जबकि हेमंत के शरीर पर एक गोली का निशान मिला है। घटनास्थल से कुल चार फायर होने के संकेत मिले हैं, लेकिन पुलिस को अभी तक चौथी गोली का कारतूस बरामद नहीं हुआ है। इसी वजह से पुलिस हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
पांच टीमें और क्राइम ब्रांच जुटी जांच में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पांच विशेष जांच टीमें बनाई हैं। जोन-1 के नौ थानों के अधिकारियों के साथ क्राइम ब्रांच को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके।
हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका
शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि हेमंत बारीक ने पहले अपनी पत्नी शकुंतला की गोली मारकर हत्या की और उसके बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस ने अभी इस निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दोनों की मौत लगभग चार से पांच दिन पहले होने का अनुमान लगाया जा रहा है। शव पूरी तरह से सड़ चुके थे।
पारिवारिक विवाद की भी जांच
पुलिस को परिजनों ने बताया है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। दोनों की कोई संतान नहीं थी और वे अकेले रहते थे। पुलिस अब पारिवारिक संबंधों, आर्थिक स्थिति, व्यक्तिगत विवाद और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

