Chhattisgarh Bastar News: बस्तर। बस्तर दशहरा बस्तर की सांस्कृतिक पहचान के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर है। हर साल देश के अलग-अलग राज्यों से पर्यटक यहां की अनूठी परंपराओं और आदिवासी संस्कृति को करीब से देखने पहुंचते हैं, लेकिन इस बार रेल सेवाओं में बाधा के कारण पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। मालिगुड़ा में लैंडस्लाइड और रेल मार्ग पर मेगा ब्लॉक के चलते बंगाल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा की ओर से आने वाली ट्रेनें कोरापुट तक ही पहुंच पा रही हैं। इससे बस्तर दशहरा के प्रमुख पर्यटन सीजन में पर्यटकों के जगदलपुर नहीं पहुंच पाने की स्थिति बन रही है और स्थानीय पर्यटन कारोबार पर असर पड़ रहा है।
ट्रेन सेवाएं बाधित होने से होटलों में बुकिंग रद्द होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय वाहन चालकों, गाइड और छोटे-बड़े कारोबारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कारोबारियों की चिंता इसलिए बढ़ गई है, क्योंकि बस्तर दशहरा का यह विशेष अवसर साल में एक बार आता है। पर्यटकों की संख्या प्रभावित होने से होटल व्यवसाय के साथ स्थानीय बाजार और पर्यटन से जुड़े दूसरे व्यवसायों की कमाई पर भी असर पड़ सकता है।
होटल एसोसिएशन के सचिव साहिल बारोटिया के मुताबिक, लगातार बुकिंग रद्द होना चिंता का विषय है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक बस्तर की संस्कृति और स्थानीय समुदाय की परंपराओं को करीब से जानना चाहते हैं, लेकिन परिवहन सुविधा बाधित होने से उनके लिए यहां पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष जतिन जैसवाल ने प्रशासन से जल्द वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि ओडिशा और बंगाल की ओर से आने वाली ट्रेनें कोरापुट तक पहुंच रही हैं। ऐसे में कोरापुट से जगदलपुर तक परमिट फ्री बसों की व्यवस्था की जाए तो पर्यटकों को सड़क मार्ग से बस्तर पहुंचने में सहूलियत मिल सकती है और पर्यटन कारोबार को राहत मिल सकती है।
बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण पर्यटन सीजन में रेल सेवाओं की बाधा ने स्थानीय कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन की ओर से की जाने वाली वैकल्पिक व्यवस्था पर है, क्योंकि समय रहते पर्यटकों की आवाजाही सुगम नहीं हुई तो इसका असर होटल, बाजार और पर्यटन से जुड़े छोटे-बड़े व्यवसायों की आजीविका पर पड़ सकता है।

