रायगढ़ जिले में एक युवक की गिरफ्तारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। युवक के पिता और सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा ने कोतवाली थाना में आवेदन देकर तमनार थाना प्रभारी और कार्यपालिक दण्डाधिकारी (तहसीलदार) के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दोनों अधिकारियों पर कानून के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करने की मांग की है।
राधेश्याम शर्मा पुरानी बस्ती बहिदार पारा के निवासी हैं और जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) से जुड़े आंदोलन में शामिल थे। उनके अनुसार, 12 दिसंबर को उनके बेटे दीपक शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के खिलाफ बताई जा रही है।
सिविल ड्रेस में अगवा करने का आरोप
आवेदन में राधेश्याम शर्मा ने बताया कि, 12 दिसंबर की सुबह बीएसएनएल कार्यालय के बाहर से सिविल ड्रेस में आए तीन लोगों ने उनके बेटे दीपक शर्मा को जबरन उठाया और चक्रधर नगर थाना ले गए। इसके बाद कुछ समय बाद उसे पूंजीपथरा थाना ले जाया गया।
27,750 रुपए छीनने का दावा
राधेश्याम शर्मा का आरोप है कि सादे कपड़ों में आए लोगों ने दीपक शर्मा की जेब में रखे 27,750 रुपए जबरन छीन लिए और उसे अपने पास रख लिया। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी परिवार को नहीं दी गई।

गिरफ्तारी की सूचना और वकील से मिलने का अवसर नहीं
आवेदन के अनुसार, पुलिस ने न तो दीपक शर्मा की गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को दी और न ही उसे किसी अधिवक्ता से बातचीत करने का अवसर दिया। शाम करीब 7 बजे उसे तमनार ले जाया गया।
कार्यपालिक दण्डाधिकारी के समक्ष पेश नहीं करने का आरोप
राधेश्याम शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को कार्यपालिक दण्डाधिकारी के समक्ष विधिवत प्रस्तुत नहीं किया गया, बल्कि उनके कक्ष के बाहर ही बैठाए रखा गया। बिना कोई बयान दर्ज किए रात लगभग 11 बजे दीपक शर्मा को जेल दाखिल कर दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का दावा
आवेदन में कहा गया है कि, तमनार थाना प्रभारी ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी से जुड़े दिए गए दिशा-निर्देशों और संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन किया। वहीं कार्यपालिक दण्डाधिकारी पर भी समुचित सुनवाई का अवसर न देने और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
FIR दर्ज करने की मांग
राधेश्याम शर्मा ने मांग की है कि, तमनार थाना प्रभारी, संबंधित पुलिसकर्मियों और कार्यपालिक दण्डाधिकारी ऋचा सिंह के खिलाफ अपहरण, लूटपाट, मानसिक, शारीरिक प्रताड़ना और संवैधानिक अधिकारों के हनन के आरोप में एफआईआर दर्ज की जाए और विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
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