Raipur Latest News:रायपुर प्रेस क्लब में कथित हवाई फायरिंग और धमकी का मामला, अध्यक्ष की शिकायत पर FIR दर्ज; आरोपी पलाश तिवारी गिरफ्तार

Raipur Latest News:रायपुर प्रेस क्लब में कथित हवाई फायरिंग और धमकी का मामला, अध्यक्ष की शिकायत पर FIR दर्ज; आरोपी पलाश तिवारी गिरफ्तार

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। राजधानी रायपुर के प्रेस क्लब परिसर में कथित हवाई फायरिंग, गाली-गलौज और पदाधिकारियों को धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना 24 अक्टूबर की शाम की बताई जा रही है। प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी पलाश तिवारी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित चार धाराओं में अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक, घटना के समय प्रेस क्लब परिसर में कुछ लोग मौजूद थे। आरोप है कि पलाश तिवारी ने प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी सहित अन्य पदाधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और धमकी दी। इसी दौरान परिसर में हवाई फायरिंग किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी किसी ग्रुप में पत्रकारों की ओर से की गई टिप्पणी से नाराज था और संबंधित व्यक्ति को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा था। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी की शिकायत के अनुसार, 24 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे परिसर में कथित हवाई फायरिंग की जानकारी सदस्यों से मिली थी। शिकायत में कहा गया कि घटना से परिसर में भय का माहौल बना और शांति भंग हुई। इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25 और 27 तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 125 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया।

मामले में कथित फायरिंग के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार को लेकर भी जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने कुछ पत्रकारों के सामने रिवॉल्वर को लाइसेंसी बताया था, लेकिन हथियार का लाइसेंस किसके नाम पर है और वह वैध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। हथियार की बरामदगी की स्थिति भी स्पष्ट होना बाकी है। घटना के दौरान आरोपी की गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि फुटेज में कथित फायरिंग रिकॉर्ड हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

प्रेस क्लब चुनाव से पहले यह मामला सामने आने के बाद पत्रकारों के बीच चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, घटना का आगामी चुनाव से कोई संबंध है या यह व्यक्तिगत विवाद का परिणाम है, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों, हथियार के स्रोत और विवाद की वास्तविक वजह की जांच कर रही है।


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