Chhattisgarh Latest News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में श्रम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में राज्य सरकार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की प्रस्तावित नई औद्योगिक इकाई के भूमिपूजन समारोह में कहा कि औद्योगिक विकास का लाभ प्रदेश के युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था तक पहुंचना चाहिए। इस परियोजना में 150 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे साढ़े तीन हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक इकाई छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसमें विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है, जो अपेक्षाकृत कम पूंजी निवेश में अधिक रोजगार उपलब्ध करा सकें। स्थानीय युवाओं और महिलाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को औद्योगिक और निवेश के प्रमुख केंद्रों में स्थापित करने के लिए काम किया जा रहा है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 के तहत टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और अन्य श्रम आधारित क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाना और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों का विस्तार करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश को साढ़े आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। अब इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से शुरू कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने उद्योगों की स्थापना और संचालन की प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जन विश्वास से जुड़े सुधारों के तहत 279 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की पहल की गई है। इससे उद्यमियों के लिए प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाने में मदद मिलेगी।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में निवेश की राशि के साथ उससे पैदा होने वाले रोजगार को भी महत्व दिया गया है। श्रम आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देकर अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए सब्सिडी के बजटीय प्रावधान को लगभग 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक किया गया है। उनके अनुसार, यश फैन्स एंड एप्लायंसेस की प्रस्तावित इकाई रोजगार केंद्रित औद्योगिक विकास की दिशा में एक उदाहरण है।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ में छोटे-बड़े मिलाकर तीन हजार से अधिक उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनसे 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि आगामी औद्योगिक परियोजनाओं से डेढ़ लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। उन्होंने यश ग्रुप की नई इकाई को प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कंपनी प्रबंधन को बधाई दी।
यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड के सीईओ ए.एन. रविचंद्रन ने प्रस्तावित इकाई की गतिविधियों, उत्पादन योजनाओं और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में उद्योगों के लिए उपलब्ध वातावरण और राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग की सराहना की।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, यश ग्रुप के चेयरमैन रितेश नरेडी, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि और कंपनी प्रबंधन के अधिकारी उपस्थित रहे।

