Chhattisgarh News: साइबर जागरूकता को बनाना होगा जनआंदोलन, तभी सुरक्षित होगा छत्तीसगढ़, बोले CM विष्णुदेव साय

Chhattisgarh News: साइबर जागरूकता को बनाना होगा जनआंदोलन, तभी सुरक्षित होगा छत्तीसगढ़, बोले CM विष्णुदेव साय

CG Raipur News: रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं। इनसे सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता, सतर्कता और जनभागीदारी है। साइबर सुरक्षा केवल शासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देकर ही साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों से सुरक्षित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित ‘साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026’ के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों से बचाव के लिए नागरिकों को लगातार जागरूक किए जाने की जरूरत पर जोर दिया।

डिजिटल क्रांति के साथ साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने देश में बड़ा बदलाव किया है। आज गांवों में रहने वाला सामान्य नागरिक भी मोबाइल फोन के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर रहा है और तकनीक के जरिए देश-दुनिया से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। अपराधी लगातार नए तरीकों और तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कई बार तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग भी साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में हर नागरिक को साइबर अपराधों के तरीकों और उनसे बचाव की जानकारी होना जरूरी है।

सात सप्ताह के अभियान में 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा संदेश

मुख्यमंत्री साय ने 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए गए सात सप्ताह के विशेष साइबर जागृति अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि अभियान के जरिए साइबर सुरक्षा का संदेश शहरों के साथ गांवों तक पहुंचाया गया।

अभियान के दौरान अलग-अलग सप्ताह में अलग-अलग विषयों को लेकर गतिविधियां आयोजित की गईं। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित हुए, 5 लाख से ज्यादा सेल्फी के जरिए नागरिकों की सहभागिता दर्ज की गई और करीब 1 करोड़ 70 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचा।

अभियान का समापन नहीं, नई शुरुआत है: CM साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर जागृति अभियान को केवल एक निश्चित अवधि तक सीमित नहीं किया जा सकता। सात सप्ताह का अभियान भले समाप्त हो गया हो, लेकिन साइबर जागरूकता की मुहिम लगातार जारी रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के साथ सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने युवाओं से साइबर जागरूकता के संवाहक बनकर अपने परिवार और समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने में योगदान देने की अपील की।

ट्रैफिक हैकाथॉन के सुझावों पर सरकार करेगी गंभीरता से विचार

मुख्यमंत्री साय ने ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर का तेजी से विस्तार हो रहा है और आबादी तथा वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ यातायात प्रबंधन की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी का बेहतर समन्वय जरूरी है।

उन्होंने कहा कि ट्रैफिक हैकाथॉन के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थाओं ने रायपुर की यातायात समस्याओं का अध्ययन कर व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं। सरकार उपयोगी और व्यवहारिक सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी और उन्हें लागू करने की दिशा में कदम उठाएगी।

दूरस्थ क्षेत्रों में 100 से अधिक बसों का संचालन

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को परिवहन सुविधा से जोड़ना विकास की बुनियादी आवश्यकता है। परिवहन की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

इसी जरूरत को देखते हुए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा शुरू की गई है। बस्तर सहित लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे दूरस्थ क्षेत्रों में बस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। ऐसे मार्गों पर 100 से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है, जहां आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं होने के कारण पहले बस सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लाभ-हानि से ऊपर उठकर जनहित को प्राथमिकता दी है। इन मार्गों पर बस संचालन से होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई की व्यवस्था भी सरकार द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ बस में यात्रा के दौरान उन्होंने स्वयं महसूस किया है कि यह सेवा लोगों के जीवन में सुविधा और खुशियां लेकर आई है।


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