Bilaspur News: एसी कोच तकनीशियनों और सहायकों के अतिरिक्त भत्ते का मामला, हाईकोर्ट ने कैट के आदेश में हस्तक्षेप से किया इनकार

Bilaspur News: एसी कोच तकनीशियनों और सहायकों के अतिरिक्त भत्ते का मामला, हाईकोर्ट ने कैट के आदेश में हस्तक्षेप से किया इनकार

Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के एसी कोच में काम करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य भत्ता देने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रेलवे प्रशासन और केंद्र सरकार की याचिका खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की युगलपीठ ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), जबलपुर पीठ के आदेश को बरकरार रखा है। इस फैसले से दुर्ग और रायपुर मंडल में कार्यरत 14 एसी कोच तकनीशियनों और सहायकों को अतिरिक्त कार्य भत्ता मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों ने अतिरिक्त कार्य भत्ता देने की मांग को लेकर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, जबलपुर में आवेदन किया था। अधिकरण ने 25 सितंबर 2025 को कर्मचारियों के पक्ष में आदेश देते हुए रेलवे को भत्ता देने के निर्देश दिए थे। रेलवे प्रशासन ने इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

रेलवे की ओर से उप सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने दलील दी कि अधिकरण ने रेल मंत्रालय के 27 जून 1985 के परिपत्र में निर्धारित व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। इस परिपत्र में एसी कोच कर्मचारियों के काम के घंटे और अतिरिक्त कार्य भत्ते की गणना से संबंधित प्रावधान हैं। रेलवे की ओर से यह भी कहा गया कि उक्त परिपत्र को पहले के मामलों में चुनौती नहीं दी गई थी, इसलिए पुराने फैसलों के आधार पर कर्मचारियों को भत्ता देने का आदेश उचित नहीं है।

वहीं, कर्मचारियों की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि एसी कोच में काम करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य भत्ता दिए जाने का कानूनी सिद्धांत पहले ही तय हो चुका है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रेलवे और केंद्र सरकार की याचिका खारिज कर दी तथा कैट के आदेश को बरकरार रखा। इससे संबंधित 14 कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य भत्ता दिए जाने का रास्ता स्पष्ट हो गया है।


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