Chhattisgarh Balrampur News: बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के मुरकौल क्षेत्र में मेडिकल दुकान की आड़ में मरीजों का उपचार किए जाने की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि कुशवाहा मेडिकल के संचालक हंसलाल कुशवाहा मेडिकल संचालन के साथ मरीजों का इलाज भी कर रहे हैं। यदि शिकायत जांच में सही पाई जाती है तो मामला मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। पूरे मामले की विभागीय जांच की मांग उठ रही है।
स्थानीय स्तर पर की गई शिकायत में कहा गया है कि मेडिकल दुकान से दवाइयां उपलब्ध कराने के अलावा मरीजों को उपचार भी दिया जा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि मेडिकल दुकान संचालक को मरीजों का उपचार करने की अनुमति है या नहीं। शिकायत की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
मुरकौल और आसपास के क्षेत्र में कुछ कथित झोलाछापों द्वारा बैग में दवाइयां लेकर घर-घर जाकर मरीजों का उपचार किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। शिकायत में आनंद कुशवाहा और सुभाष बंगाली के नाम का उल्लेख किया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में यदि बिना आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता और अनुमति के उपचार किया जा रहा है तो इससे मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में भी कुछ मेडिकल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से नियमों की अनदेखी जारी है। गलत उपचार के बाद मौत होने से संबंधित शिकायतों का भी दावा किया जा रहा है। इन दावों की पुष्टि के लिए विभागीय जांच आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
मामले ने स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेडिकल दुकानों की नियमित जांच, बिना अधिकृत चिकित्सकीय व्यवस्था के उपचार की शिकायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में कथित झोलाछापों की गतिविधियों की निगरानी को लेकर विभाग को स्पष्ट कार्रवाई करनी चाहिए।
मामले को लेकर कुशवाहा मेडिकल के संचालक हंसलाल कुशवाहा से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से मामले के संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित विभाग की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
गौरतलब है कि बीते दिनों इसी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में मेडिकल वेस्ट खुले में फेंके जाने का मामला भी सामने आया था। अब मेडिकल दुकान से कथित उपचार और घर-घर जाकर इलाज किए जाने की शिकायत सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मुरकौल क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं और यदि हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

